स्वर कोकिला लता मंगेशकर का जम्मू-कश्मीर से भी विशेष जुड़ाव रहा है। उन्होंने ‘भला सिपाइया डोगरेया... रोसलियां रोसलियां धारा... तेरा बड़ा मंदा लगदा डोगरी गाना गाया था, जो आज हर घर में गाया और सुना जाता है। इन गीतों को गाने के लिए उन्होंने डोगरी सीखी और फिर अपनी आवाज का ऐसा जादू बिखेरा कि हर कोई इन गानों का दीवाना बन गया।
किशन समैलपुरी के लिखे गानों को लता मंगेशकर ने दिवंगत पद्मा सचदेव के कहने पर गाया था। पद्मा सचेदव और लता मंगेशकर के बीच काफी गहरी दोस्ती थी। जम्मू की बोली डोगरी से भी लता मंगेशकर को प्रेम था। भला सिपाइया डोगरेया... गीत में सैनिकों के बारे में बताया गया है। इस गीत पर सैनिक आज भी झूमते हैं। भला सिपाइया डोगरेया को लता जी की आवाज मिलने से डोगरी भाषा की पहचान बढ़ी।
उपराज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक्त व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लता दीदी का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने का दुख शब्दों से परे है। आप एक प्रकाश थीं जो सुनहरी आवाज की धनी थीं। लता दीदी का संगीत और व्यक्तित्व हमेशा याद रखा जाएगा।
प्रदेश में दो दिन का राजकीय शोक रहेगा
लता मंगेशकर के निधन पर जम्मू-कश्मीर में छह और सात फरवरी तक दो दिन का राजकीय शोक रहेगा। इस दौरान सभी भवनों पर लगा राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। शोक के दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।