बीएसएफ जवान मोहम्मद रमजान पर्रे उर्फ रमीज की बांदीपोरा के हाजिन इलाके में हुई हत्या में लश्कर के महमूद शाह वाले लश्कर ग्रुप का हाथ है। छुट्टी पर घर आए निहत्थे जवान को आतंकियों की ओर से निशाना बनाए जाने की इस दूसरी घटना से आम कश्मीरियों में भारी रोष है। यही वजह है कि पर्रे के जनाजे में भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
इलाके के व्यापारिक इदारे तथा दुकानें बंद रहीं। ज्ञात हो कि इससे पूर्व रमजान से पहले दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में लेफ्टिनेंट फैय्याज को आतंकियों ने निशाना बनाया था।
डीआईजी उत्तरी कश्मीर नीतिश कुमार ने बताया कि घटना को लश्कर के चार आतंकियों ने अंजाम दिया है। यह ग्रुप पाकिस्तानी आतंकी महमूद भाई के नेतृत्व में वहां पहुंचा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इलाके में 5 सदस्यीय लश्कर का ग्रुप सक्रिय है, जिसकी कमांड महमूद भाई संभाल रहा है जो पाकिस्तानी है। यह ग्रुप पिछले 5 साल से सक्रिय है। महमूद भाई पाकिस्तान में बैठे जकिउर रहमान लखवी का भतीजा है। इसके अलावा इस ग्रुप में अबू ओसामा भी है जो 11 वर्ष की उम्र में पाकिस्तान से घुसपैठ कर आया था।
इसे भी इलाके में सक्रिय हुए चार साल हो गए। ग्रुप में नसरुल्ला नामक एक स्थानीय आतंकी और अन्य 2 विदेशी आतंकी हैं। बताते हैं कि चार आतंकियों का एक ग्रुप उनके घर में दाखिल हुआ। उन्हें घर से निकालने की कोशिश की, लेकिन पिता और भाइयों द्वारा विरोध करने पर आतंकियों ने परिवार वालों पर तेज धारदार हथियार से वार कर घायल कर दिया। इसके बाद रमजान को गोलियों से भून दिया गया था।