कश्मीर में जबरदस्त बर्फबारी के कारण आतंकी एलओसी से घुसपैठ नहीं कर पा रहे। इसलिए पहले से ही कश्मीर में मौजूद पाकिस्तानी आतंकी स्थानीय आतंकियों के साथ मिलकर हमले कर रहे हैं। पाकिस्तान का आतंकी संगठन तश्कर-ए-तैयबा कश्मीर के स्थानीय आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ मिलकर हमले कर रहे हैं।
कुलगाम में हुए हमले में दोनों संगठनों ने मिलकर हमला किया। सूत्रों का कहना है कि लश्कर संगठन हिजबुल के साथ मिलकर ही हमला करना चाहता है। इसके पीछे हिजबुल को कश्मीर से मिलने वाले स्थानीय समर्थन का मुख्य कारण है। हिजबुल मुजाहिदीन में स्थानीय आतंकी मौजूद हैं। जिनको लोगों का समर्थन मिल जाता है।
हिजबुल के आतंकी इसका लाभ उठाकर हमला कर रहे हैं, जबकि लश्कर हिजबुल का इस्तेमाल अपने हमले के लिए कर रहा है। दरअसल, इन दिनों कश्मीर के कई हिस्सों में बर्फबारी हो रही है। एलओसी पर भी काफी बर्फबारी हुई है।
बर्फबारी की वजह से पाकिस्तान से नहीं हो पा रही आतंकी घुसपैठ
पाकिस्तान से नहीं हो पा रही आतंकी घुसपैठ
- फोटो : डेमो फोटो
बर्फबारी की वजह से पाकिस्तान से आतंकी घुसपैठ नहीं कर पा रहे। इसलिए कश्मीर में मौजूद आतंकी अब बाहर निकल रहे हैं, क्योंकि वे हमलों को जारी रखना चाहते हैं।सूत्रों का कहना है कि लश्कर के 50 से अधिक आतंकी घाटी के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं।
यह आतंकी दो से तीन के ग्रुप में बंटे हुए हैं, जबकि इन सभी ग्रुप में हिजबुल के आतंकियों की संख्या भी दो से तीन शामिल की जा रही है। ये उन इलाकों को टारगेट कर सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश में हैं, जिन इलाकों में इनको स्थानीय समर्थन मिले और वे हमला कर आसानी से भाग सकें।
आतंकियों ने कश्मीर के स्थानीय समर्थन को लेकर हमला करने की नई रणनीति बनाई है, ताकि इसमें आग नागरिक मारे जाएं, जिससे सुरक्षाबलों के खिलाफ गलत प्रचार हो।