सोमवार को सोपोर में सुरक्षा बलों द्वारा लश्कर कमांडर को मार गिराने के बाद इलाके में तनाव पैदा हो गया। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ सड़कों पर आकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया और सुरक्षा बलों पर पथराव भी किया।
प्रदर्शनकारियों पर नियंत्रण करने को लेकर सुरक्षा बलों द्वारा फायरिंग की गई जिसमें एक स्थानीय युवक इरशाद अहमद की मौत हो गई जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। बीएमओ सोपोर डॉक्टर मसूद ने इरशाद की गोली लगने से मौत होने की पुष्टि की है। राज्य सरकार ने फायरिंग की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।
सोपोर में फिलहाल अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी हुई है। घायलों में नसीर अहमद बेग, आबिद गोजरी, शाहिद और इलियास अहमद शाला शामिल हैं। उग्र प्रदर्शन के बाद सोपोर में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात कर दिया है।
रविवार शाम सोपोर में शुरू हुई मुठभेड़ सोमवार दोपहर तक जारी रही। 24 घंटे से अधिक चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तानी निवासी लश्कर कमांडर महमूद भाई को मार गिराया। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक महमूद बीते डेढ़ साल से घाटी में सक्रिय था।
सेना की 52 आरआर के सीओ ने मुठभेड़ में पाकिस्तानी आतंकी के मारे जाने की पुष्टि की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक स्थानीय लश्कर आतंकी जिसकी पहचान वसीम निवासी पलहलन की गई है, उसने मुठभेड़ स्थल से भागने की कोशिश की, पर सेना ने उसे दबोच लिया। सैन्य प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की।
सुरक्षा अधिकारियों द्वारा वसीम की मां से भी उससे आत्मसमर्पण करने का आग्रह करवाया गया था, पर दूसरी ओर से इसके जवाब में कोई जवाब नहीं आया था। मोहम्मद शाहवान पीजू के जिस मकान में आतंकियों ने शरण ले रखी थी, मुठभेड़ में वो मलबे में तबदील हो गया।
उल्लेखनीय है कि रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे सुरक्षा बलों को सोपोर के क्रांकशिवन कालोनी में आतिंकयों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई शुरू कर दी थी। पर रात में अंधेरा हो जाने के चलते दोनों ओर से फायरिंग बंद हो गई थी।
सुबह एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई और सुरक्षा बलों ने लश्कर के पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया। मारे गए आतंकी से एके 47, दो मैगजीन, 20 राउंड और एक ग्रेनेड सहित कुछ अन्य सामान बरामद किया गया है। मुठभेड़ में दो जवान घायल भी हुए हैं। उनकी हालत स्थिर बताई गई है।