कश्मीर घाटी में लश्कर-ए तैयबा ने अब हमले का तरीका बदल दिया है। पहले फिदायीन हमलावर घुसपैठ के तुंरत बाद हमले को अंजाम देते थे लेकिन अब घुसपैठ के बाद स्लीपर सेल की मदद से पहले पनाह लेते हैं और सैन्य शिविरों की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल के बाद हमले करते हैं।
आतंकी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद लश्कर के आतंकियों के मददगारों की संख्या में इजाफा हुआ है। सेना और सुरक्षा बलों ने लश्कर की इस बदली रणनीति के अनुरूप कार्रवाई की रणनीति बना ली है। इस कारण अब हमलावर सैन्य शिविरों में दाखिल होने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं।
सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक उड़ी हमले के फिदायीन हमलावरों ने ताजा घुसपैठ की थी लेकिन बाद में बारामुला और अब लंगेट के सैन्य कैंप पर हमला करने वाले आतंकियों के बारे में हमले से कम से कम तीन दिन पहले घुसपैठ करने की सूचना मिली है।
जवानों की तरह दिखने के लिए रखते हैं जीरो कट बाल
Terrorist
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लश्कर के आतंकी अब भारतीय सेना के जवानों की तरह दिखने के लिए जीरो कट बाल रखते हैं। सेना की वर्दी का इस्तेमाल पहले भी आतंकी करते रहे हैं लेकिन अब बदली रणनीति में आतंकियों की नई खेप फर्राटे से हिंदी और अंग्रेजी बोलने वाली होती है।
पीओके और पाकिस्तानी आतंकी पहले हिंदी और अंग्रेजी ठीक से नहीं बोल पाने के कारण पकड़ में आ जाते थे। आतंकियों की यह नई खेप 19 से 25 वर्ष के उम्र की है। भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक में सबसे अधिक लश्कर -ए तैयबा के कैंपों को ही नुकसान हुआ था।
यही कारण है कि स्ट्राइक के तुरंत बाद लश्कर के सरगना हाफिज सईद ने सुरक्षा बलों के खिलाफ हमले तेज करने का एलान किया।
पुंछ सेक्टर से घुसपैठ की हो सकती है कोशिश
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सात लांचिंग पैड तबाह हो जाने के बाद लश्कर ने फिर से ताकत जुटा ली है। अब पीओके में लांचिंग पैड पर आतंकियों का जमावड़ा नहीं है लेकिन तीन से चार के ग्रुप में आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश लगातार जारी है। नौगाम और रामपुर सेक्टर में ताजा घुसपैठ की कोशिशें नाकाम होने के बाद आतंकी अब पुंछ सेक्टर से घुसपैठ की कोशिश तेज कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में कश्मीर घाटी मेें कई आतंकी हमलों को नाकाम किया गया है । इन नाकाम हमलों में सेना की 46 राष्ट्रीय राइफल्स के बारामुला स्थित कैंप पर हुआ हमला और हंदवाड़ा में वीरवार को हुआ फिदायीन हमला शामिल है । सेना के जवानों की चौकसी से इन आतंकी हमलों को नाकाम करके एक बड़ी साजिश को होने से रोका गया है ।