रामबन। डलवास क्षेत्र में शुक्रवार शाम भूस्खलन के चलते घरों के जमींदोज होने का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। जमींदोज हुए घरों की संख्या आठ से बढ़कर 29 हो गई है। अभी 11 और घरों पर खतरा बरकरार है। शुक्रवार रात बारिश से जब भूस्खलन हुआ तो लोगों ने भागकर जान बचाई।
लॉकडाउन के बीच भूस्खलन की चपेट में आने से बेघर हुए परिवारों ने जिला प्रशासन से पुनर्वास के प्रबंध करने की मांग की है। उधर जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए उचित कदम उठा रहा है। ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल अध्यक्ष रामबन-बटोत एवं स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में पहुंच कर पीड़ित परिवारों की सहायता की।
वहीं, नुकसान का आकलन करने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी जुट गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त रामबन अशोक कुमार शर्मा ने घटनास्थल का दौरा कर प्रभावित परिवारों के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। इस मौके पर एसीआर रामबन दरिंद्र शर्मा एवं थाना प्रभारी चंद्रकोट इंस्पेक्टर नजीर अहमद आदि मौजूद रहे।
फोरलेन सड़क परियोजना पर लगाया बेघर करने का आरोप
प्रभावित परिवारों ने नुकसान के लिए फोरलेन सड़क परियोजना निर्माण कार्य को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों ने कहा कि इस कार्य के चलते वे बेघर हो गए हैं। जहां हाईवे के साथ हुए सड़क निर्माण कार्य के चलते जमीन धंसने से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं वहीं कुछ और घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। नुकसान की भरपाई करना मुश्किल है।
सीआरपीएफ जवान का घर भी आया चपेट में
भूस्खलन में जमींदोज हुए घरों में से एक घर सीआरपीएफ के जवान दीपक शर्मा का भी है। वह मौजूदा समय में सीआरपीएफ की 201 कोबरा यूनिट छत्तीसगढ़ में तैनात है। हादसे की सूचना मिलते ही सीआरपीएफ 84 बटालियन बूम चंद्रकोट द्वितीया कमांड अधिकारी यशपाल थापा के नेतृत्व में सीआरपीएफ क्यूआरटी के जवानों ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित जवान की सहायता की। मलबे से सामान निकाल कर सीआरपीएफ की इमारत में पहुंचाया और उनके परिवार को सहायता प्रदान की। इस मौके पर सीआरपीएफ 84 बटालियन बूम चंद्रकोट द्वितीया कमांड अधिकारी ने कहा कि सूचना मिली कि डलवास में कई घरों को नुकसान हुआ है, जिसमें एक घर सीआरपीएफ के एक जवान का है। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंच कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उचित सहायता की जाएगी। इस दौरान उप-कमांडेंट रामकिशन, इंस्पेक्टर राजिंदर सिंह आदि मौजूद रहे।