हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोग
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जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिला मुख्यालय से करीब 26 किलोमीटर दूर किश्तवाड़-बटोत हाईवे पर द्राबशाला के पास कुलगडी में अचानक भूस्खलन होने से मलबे में दबकर मासूम सहित तीन राहगीरों की मौत हो गई। सात अन्य घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला अस्पताल के दल ने मौके पर पहुंच कर बचाव कार्य शुरू किया।
जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करीब 11.30 बजे पहले से गिरी पस्सियों के कारण रास्ता बंद होने से लोग पैदल ही वहां से निकल रहे थे। इसी दौरान अचानक फिर से पहाड़ी से बड़े पैमाने पर पत्थर और मलबा खिसक आया। आस-पास अन्य लोग सीटी बजाने लगे। शोर करने लगे, लेकिन तब तक एक दर्जन लोग वहीं फंस चुके थे। इनमें दो लोग वहीं मलबे में दब गए। भागने के दौरान कई को गंभीर चोटें पहुंचीं। रेड क्रास और द्राबशाला के आस-पास के लोग सहायता के लिए मौके पर पहुंचे।
उन्होंने घायलों को निकाल कर जिला अस्पताल पहुंचाया। मलबा हटाने पर सबसे पहले फारूक अहमद (35) निवासी बाग्रां सरथल का शव मिला। फिर काफी मशक्कत के बाद एक और शव निकाला गया। इसकी पहचान चंद्रप्रकाश (45) निवासी बोंजवा के रूप में हुई। अस्पताल पहुंचने के बाद चोटिल तीन माह की बच्ची अलीजा की भी मौत हो गई। उसकी मां भी घायल हो गई है, जबकि पिता बाल-बाल बच गया। घायलों में रकीला बेगम (23), रजनी देवी (30), इनायतुल्लाह (30), अहमद (7), भाई-बहन शमीम अहमद (10) व इरफाना बान (5) और गुलाम हसन शमिल हैं।