किसानों को जैविक खेती, पॉलीकार्बोनेट ग्रीनहाउस में नवीन सब्जी खेती तकनीकों सहित दूध व सब्जियों के उत्पादन को लेकर प्रशिक्षिण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एल्टीट्यूड रिसर्च (डीआईएचएआर), लेह में आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण शिविर में खारू, थिकसे और चुचोट ब्लॉकों के विभिन्न परियोजना गांवों से आए 86 उत्साही किसानों ने भाग लिया। फिया फाउंडेशन ने एचडीएफसी बैंक परिवर्तन के सहयोग से प्रोजेक्ट-हिमालय के तहत इसका आयोजन किया गया। यह परियोजना टिकाऊ कृषि तकनीकों और आर्थिक सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
डीआईएचएआर के तकनीकी विशेषज्ञों ने किसानों जागरुक किया, ताकि वे विविध कृषि तकनीकों को लागू करने के लिए प्रेरित और सशक्त हो सकें। उनकी प्रतिक्रिया ने प्रशिक्षण कार्यक्रम से अत्यधिक संतुष्टि को रेखांकित किया, और अगले तीन वर्षों में उनकी कृषि आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना पर विश्वास व्यक्त किया।
फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद अली ने कहा कि यह पहल लेह लद्दाख के कृषि परिदृश्य के उत्थान के लिए फिया फाउंडेशन और एचडीएफसी बैंक परिवर्तन और डीआईएचएआर के बीच एक उल्लेखनीय सहयोग का प्रतीक है। इससे न केवल अपने किसानों की आजीविका बढ़ा रहे हैं बल्कि क्षेत्र के भीतर सतत विकास को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रोजेक्ट-हिमालय ग्रामीण विकास के प्रति एक समग्र दृष्टिकोण का अपनाता है, जो सामुदायिक सशक्तिकरण और पर्यावरणीय स्थिरता पर जोर देता है। उत्पादक समूहों के गठन और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के माध्यम से, परियोजना का लक्ष्य पूरे क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक प्रगति को उत्प्रेरित करते हुए एक प्रभावशाली प्रभाव पैदा करना है।