संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोवा-रिग्पा (एनआईएसआर) ने दिल्ली में प्रगति मैदान में भारतीय अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर में हिस्सा लिया। इस दौरान इंस्टीट्यूट के छात्रों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने एनआईएसआर की वैज्ञानिक अहमियत दिखाई।
एनआईएसआर पवेलियन में विजिटर्स ने सोवा-रिग्पा की समृद्ध विरासत और समग्र उपचार की झलक देखी जो लद्दाख, ट्रांस-हिमालयी रीजन और केंद्रीय एशिया के कुछ हिस्सों में प्रैक्टिस की जाने वाली सबसे पुरानी बची हुई चिकित्सक प्रणाली में से एक है। एग्जिबिट में सोवा-रिग्पा फॉर्मूलेशन के साइंटिफिक बेस, ट्रेडिशनल नॉलेज में मौजूद डायग्नोस्टिक मेथड, हिमालयी इकोसिस्टम से ली गई प्लांट-बेस्ड मेडिसिन और एनआईएसआर के प्रयासों पर रोशनी डाली।
आईआईटीएफ में इंस्टीट्यूट के एक्टिव एंगेजमेंट ने स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाले विजिटर्स, वेलनेस और मेडिकल सेक्टर के प्रोफेशनल्स, स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स, और अलग-अलग राज्यों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का ध्यान खींचा।