दिसंबर बीत जाने के बावजूद लाइन आफ कंट्रोल (एलओसी) पर बर्फबारी न होना सेना के लिए नई चुनौती बन गई है। दिसबंर अंत तक एलओसी के आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो जाने से पीओके से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के तमाम रास्ते बंद हो जाते हैं।
लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो सका। यही कारण है कि बड़ी संख्या में आतंकी एलओसी के उस पार लांचिंग पैड पर घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं। बर्फबारी न होने से सेना ने घुसपैठ को रोकने के लिए काउंटर इनसरजेंसी (आतंक विरोधी) नीति को सख्त कर दिया है।
इस संबंध में एलओसी पर नियुक्त तमाम यूनिटों को ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आतंकियों को घुसपैठ के मौके न मिलने से वह एलओसी के पार बौखलाए बैठे हैं। इतना ही नहीं, कुछ आतंकी संगठनों के आकाओं ने तो घुसपैठ के लिए मर-मिटने के आदेश आतंकियों को दिए हैं।
सैन्य अधिकारियों का कहना है कि इस साल काफी हद तक घुसपैठ को रोकने में कामयाबी हासिल हुई और उनकी कोशिश है कि बर्फबारी से पहले आतंकियों के तमाम इरादों को नाकाम किया जाए।
उन्होंने माना कि दिसंबर समाप्ति तक बर्फबारी हो जाने से घुसपैठ की आशंकाएं कम हो जाती हैं, लेकिन इस बार अभी ऐसा नहीं हो पाया है। हालांकि उनका कहना है कि जवान घुसपैठ के किसी भी प्रयास को नाकाम करने के लिए तैयार हैं।