पाकिस्तानी गोलाबारी से तबाह हुए गांवों के लोग इंतजार ही करते रह गए लेकिन उन्हें गृह राज्य मंत्री सज्जाद अहमद किचलू के दीदार नहीं हो सके। सीमांत ग्रामीणों को उम्मीद थी कि किचलू उनसे मिलकर दर्द बांटेंगे लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी।
पिछले कुछ दिनों से भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार गोलाबारी और शनिवार को दो ग्रामीणों की मौत से सीमावर्ती इलाकों के ग्रामीण दहशतजदा हैं। अब उनमें इस बात को लेकर रोष है कि किचलू न तो सीमावर्ती गांव गए और न ही गोलाबारी में मारे गए लोगों के घर पहुंचे।
मंत्री साहब अपने काफिले के साथ आरएस पुरा तहसील दफ्तर पहुंचे। वहां उन्होंने गोलाबारी में मारे गए लोगों के परिवार को बुलाया और वहीं उन्हें मदद का चेक भेंट किया।
गांव के लोगों का कहना है कि गृह राज्य मंत्री को घटनास्थल का जायजा लेना चाहिए था, ताकि उन्हें सीमांत गांवों के लोगों का दर्द पता चलता। साथ ही वे गोलाबारी के बीच किस तरह अपने परिवार को लेकर रह रहे हैं, इसका भी उन्हें अहसास होता।