अब बहुत हो चुका, रसाना में मारी गई मासूम बच्ची के मामले में राजनीति बंद होनी चाहिए। पहले इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने का प्रयास किया गया और अब उसके नाम पर कुछ लोग पैसा जमा करने में लगे हैं। यह सब बंद होना चाहिए।
यह बातें जम्मू कश्मीर राज्य महिला आयोग की चेयरमैन नइमा अहमद महजूर ने वीरवार को अपने पुंछ प्रवास के दौरान पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि आज राज्य में ही नहीं, पूरे देश और दुनिया के कई हिस्सों में भी लोग रसाना में मारी गई मासूम बच्ची को इंसाफ दिलाने के लिए सड़कों पर हैं, लेकिन कुछ लोग इस मामले को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं।
मारी गई मासूम बच्ची के नाम पर पैसा जमा करने के मामले सामने आ रहे हैं। बच्ची के घर वालों को मामले में इंसाफ की जरूरत है, पैसे की नहीं। यदि उनको पैसे की जरूरत होगी तो महिला आयोग देगा या सरकार देगी। इस लिए जो लोग बच्ची के नाम पर पैसे जमा करने का जो खेल खेल रहे हैं, वह गलत है।
उसकी हम निंदा करते हैं और उसे हर हाल में बंद होना चाहिए। रसाना मामले को लेकर कश्मीर में खराब हो रहे हालात, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ झड़पों पर नइमा ने कहा कि आज हर कोई प्रदर्शन कर रहा है। कालेज के बच्चों का भी हक है कि वे प्रदर्शन करें, लेकिन यह सब शांतिपूर्ण होना चाहिए।
प्रदर्शन में तोड़फोड़, आगजनी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि अब रसाना मामला अदालत में है। इसलिए सभी को शांतिपूर्ण समाधान पर ध्यान देना चाहिए। कोशिश यह होनी चाहिए कि पीड़िता को इंसाफ और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।
मुख्यमंत्री ने इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनवाने के लिए कहा है। ऐसे में सभी को इस दिशा में प्रयास करना चाहिए, न कि माहौल खराब करने का प्रयास करना चाहिए।