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सेना के साथ ने जब कश्मीर के बच्चों को दी तालीम और खुशियों की नई उड़ान

Tue, 06 Dec 2016 11:01 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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Indian Army - फोटो : ADGPI- Indian Army
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बेहद मुश्किल हालात, हिंसा का तनाव और सरहद पर पाकिस्तान की नापाक हरकतों के बीच कश्मीर से बीते दिनों हिम्मत और जूनून की कुछ ऐसी मिसालें देखने को मिली जिन्होंने ये साबित किया कि सपनों को कभी किसी बंदिश का मोहताज नहीं कहा जा सकता।
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उस कठिन वक्त में जब सारे कश्मीर से हिंसा के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित था कुछ कश्मीरी बच्चों ने अपनी छोटी सी उम्र में साहस और बेइन्तेहा जूनून के बल पर सारी दुनिया में हिन्दुस्तान के हुनर और कश्मीर की तालीम का सिर फख्र से ऊंचा किया।

दरअसल हिजबुल कमांडर बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से कश्मीर में हिंसक प्रदर्शनों का खामियाजा सबसे ज्यादा बच्चों की जिंदगी पर पड़ा। घाटी के स्कूल बंद हुए तो स्कूलों के बहाने होने वाली तमाम वो गतिविधियां भी बंद हो गई जिनसे कश्मीर के बच्चों के हुनर को नया हौसला मिलता था। 
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कक्षाओं में जब सेना के जवानों ने खुद ली क्लास

Indian Army - फोटो : ADGPI- Indian Army
इन सब के बीच सेना के स्कूलों में तालीम की रोशनी बिखरती रही। गुडविल स्कूलों में न सिर्फ घाटी के बच्चों की पढ़ाई जारी रही बल्कि सेना के साथ के कारण परीक्षाओं को भी समय से सम्पन्न कराया जा सका। इसके साथ ही कई बार ऐसा भी हुआ जब सेना के स्कूलों में खुद आला अफसरों ने बच्चों की क्लास ली।

 एक ओर जहां स्कूलों में सेना ने बच्चों की तालीम को नया हौसला दिया वहीं दूसरी ओर नन्हें बच्चों को दुनिया के मंच पर चमकने की हिम्मत भी। सेना की इस कोशिश ने कश्मीर के आमिर की हिम्मत को अपने साथ का हौसला दे दिया।

दोनों हाथों के ना होने के बावजूद क्त्रिस्केट के करिश्में में जब आमिर को एक साथी की जरूरत पड़ी तो भारतीय सेना के अधिकारियों ने राष्ट्रीय रायफल्स के एक जवान को सरकारी खर्च पर आमिर के सफर का साथी बना दिया। आमिर ने क्रिकेट में दुनिया को अपनी हिम्मत और ताकत दिखाई तो नन्ही तजामुल इस्लाम ने बॉक्सिंग के बल पर कश्मीरियत का हौसला पूरी दुनिया के सामने खड़ा कर दिया। 

कश्मीर की बेटी को सेना प्रमुख ने किया सलाम

सेना प्रमुख ने किया सम्मानित - फोटो : ADGPI-Indian Army
तजामुल ने किक बॉक्सिंग में अमेरिकी प्रतिद्वंदी को हराकर ये साबित किया कि हुनर की ताकत के आगे सारी मुश्किलें कमजोर पड़ ही जाती हैं। गले में गोल्ड मेडल लटकाए कश्मीर की इस बेटी ने हिन्दुस्तान की जर्सी को पहनकर फक्त्रस् महसूस किया तो भारत आने पर सेना प्रमुख खुद पलके बिछाए इस नन्ही बेटी की शक्ति का सम्मान किया।

आमिर और तजामुल के साथ बांदीपोरा के हाशिम मंसूर ने भी कश्मीर के मुश्किल हालातों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। एशियन कराटे चैंपियनशिप जीतने के बाद आमिर ने कहा कि वे पिछले एक साल से इस जीत की तैयारियां कर रहे थे।

हाशिम की सात साल की छोटी उम्र ने कई बड़ी उम्मीदों को पूरा कर दिया, जीत हुई तो कोच ने उन मुश्किल हालातों का भी जिक्र किया जिनसे पार होकर हाशिम ने हिन्दुस्तान के सामने अपनी सफलता की नजीर पेश की थी। 
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बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों की उपस्थिति ने बदली हालातों की तस्वीर

KASHMIR - फोटो : PTI
बेहद मुश्किल दौर में कश्मीर के इन नन्हें बच्चों के साथ आवाम की अगली पीढ़ी बनने को तैयार कई और बच्चों ने तनाव को अपना भविष्य बिगाड़ने से रोक दिया। बोर्ड परीक्षाओं में 99 फीसदी बच्चों की उपस्थिति वाला कश्मीर इस बात का साबितगार बन रहा था कि घाटी में अलगाव और तनाव का तिलिस्म अब खत्म हो गया है।

कश्मीर के बाजार गुलजार हो रहे हैं, सड़कों पर बेशुमार भीड़ है और घाटी के स्कूलों में बच्चे परीक्षाओं के पर्चों पर अपना सुनहरा कल लिख रहे हैं। कश्मीर फिर से एक बार अपनी खूबसूरती पर काबिज होने जा रहा है और गर्व करने वाली बात ये है कि घाटी के बच्चों और सेना ने इस माहौल को सामान्य करने में बड़ी भूमिका अदा की है।  
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