अदालत ने कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी तथा उसकी दो सहयोगियो पर देश से युद्ध छेड़ने, राजद्रोह तथा आतंकी वारदातों की साजिश संबंधी धाराओं में सोमवार को आरोप तय कर दिए। मामला पाकिस्तानी आतंकी संगठनों की मिलीभगत से भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने तथा अन्य आरोपों से जुड़ा है। इस पहलू पर अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने आसिया अंद्राबी व उसकी दो सहयोगियों सोफी फेहमिदा एवं नाहिदा नसरीन पर आतंक रोधी कानून यूएपीए, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, राजद्रोह तथा अन्य धाराओं में आरोप तय करते हुए मुकदमा चलाने का निर्देश दिया है। इन तीनों को अप्रैल 2018 में गिरफ्तार किया गया था।
अदालत ने इन तीनों पर आपराधिक साजिश, देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, देश के खिलाफ युद्ध की साजिश, राजद्रोह, विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य पैदा करना, राष्ट्रीय अखंड़ता को ठेस पहुंचाने वाले आरोप लगाना, सार्वजनिक शरारत करने तथा यूएपीए की धाराओं में आरोप तय किए हैं।
कश्मीर के प्रतिबंधित महिला अलगववादी संगठन दुख्तरान ए मिल्लत की मुखिया अंद्राबी व उसकी दो सहयोगियों पर देश की एकता तथा संप्रभुता को ठेस पहुंचाने के कृत्य तथा उसकी साजिश में शामिल होने का आरोप है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) का आरोप था कि यह तीनों आरोपी देश की एकता तथा संप्रभुता को स्थिर करने वाले कृत्यों व उसकी साजिश में शामिल पाई गई थीं।
जांच एजेंसी का आरोप था कि ये आरोपी पाकिस्तानी समर्थित आंतकी संगठनों का समर्थन हासिल करने के लिए साइबर स्पेस में कई तरह की गतिविधियां चला रही थीं।