श्रीनगर के पुराने शहर नौहट्टा में स्थित जामिया मस्जिद परिसर में घटी निंदनीय घटना में शहीद हुए डीएसपी मोहम्मद अयूब पंडित के जनाजे में भारी संख्या में स्थानीय लोग, पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया। हर किसी की जुबान पर एक ही बात थी आखिर क्या कसूर था इसका ?
क्या इसकी हत्या के पीछे यही कारण था कि यह एक पुलिस कर्मी था, देश की रक्षा की इसने कसम खाई थी ? लेकिन इन सवालों का जवाब देने वाला कोई नहीं था। शहीद डीएसपी की बेरहमी से हत्या से परिवार और रिश्तेदारों में काफी रोष है।
शहीद डीएसपी के शव को शुक्रवार को श्रीनगर के नवापोरा में उनके पैतृक कब्रिस्तान में दफनाया गया। उनकी हत्या के बाद से पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है। एक पड़ोसी अब्दुल कयूम के अनुसार वह एक नेक इंसान था। किसी के साथ उसका कोई बैर नहीं था लेकिन पता नहीं इसे क्यों मारा गया। महिलाओं की आंखों के आंसू नहीं थम रहे और उनमें इस हत्या को लेकर काफी आक्रोश है।