कश्मीर में अलगाववादी नेताओं को मिलने वाली सरकारी सुरक्षा और अन्य सरकारी सुविधाएं आने वाले वक्त में वापस ली जा सकती है। कश्मीर में हिंसा के लिए पाकिस्तान और आतंकवादी संगठनों से फंडिंग के मामले में अलगाववादियों की संलिप्तता सामने आने के बाद सरकार इस बारे में विचार कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय और राज्य सरकार के उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले वक्त में अलगाववादियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं को वापस लिए जाने के मामले में कुछ बड़े फैसले होने के कयास जताए जा रहे हैं। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा कुछ अलगाववादी नेताओं पर विधिक कार्रवाई करने की भी तैयारियां की जा रही है।
वहीं एनआईए के द्वारा भी लगातार कश्मीर में हिंसा के हालातों के लिए अलगाववादियों की साजिश, पाकिस्तान से हवाला के जरिए फंडिंग और कश्मीर में तनाव फैलाने के लिए आतंकी संगठनों से पैसे लिए जाने जैसे मामलों में अलगाववादियों की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है।
मनी लांड्रिंग और नापाक फंडिंग के राज खंगालने की तैयारियां
अलगाववादी नेताओं के खिलाफ दर्ज हुआ केस
- फोटो : फाइल फोटो
शुक्रवार को दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भी कश्मीर के अलगाववादियों समेत कई आतंकी संगठनों पर केस दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कश्मीर के अलगाववादियों और वहां सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है।
ईडी पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और हुर्रियत कांफ्रेंस से पैसे लेकर अलगाववादियों द्वारा घाटी में देशविरोधी गतिविधियां चलाने की जांच करेगी। अधिकारियों ने बताया कि एनआईए द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद संज्ञान लेते हुए केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनी लांड्रिंग कानून के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया है।
एनआईए ने कश्मीर घाटी में गैरकानूनी गतिविधियां चलाने के आरोप में मई में कुछ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था और उसके कुछ दिन बाद कई ठिकानों पर छापेमारी की थी।
आने वाले दिनों में बढ़ेंगी अलगाववादियों की मुश्किलें
सैय्यद अली शाह गिलानी
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एनआईए की छापेमारी में अलगाववादियों के तमाम ठिकानों से कई दस्तावेज बरामद हुए थे। इसके साथ ही एनआईए की टीम को आतंकी संगठनों के लेटरहेड भी मिले हैं। ऐसे में अलगाववादियों के किसी टेरर कनेक्शन के शक में जांच एजेंसी तमाम तथ्य खंगालने में जुटी हुई है।
एनआईए को छापेमारी के दौरान कई पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क भी मिली हैं। इन सब की गहन पड़ताल की जा रही है जिसके लिए जांच अधिकारियों के साथ साथ साइबर एक्सपर्ट्स की भी मदद ली जा रही है। ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि इन मामलों में आने वाले वक्त में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
इसके साथ ही अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी से भी एनआईए की पूछताछ की संभावनाएं जताई जा रही हैं। हालांकि अब तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान तो नहीं आया है लेकिन ये जरूर तय लग रहा है कि आने वाले दिनों में कश्मीर में अलगाववादियों की मुश्किलें बढ़ेंगी।