फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'कहीं जिन्ना का देश विभाजन का फैसला सही साबित ना हो जाए'

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू कश्मीर समेत पूरे देश में बीफ बैन को लेकर चल रहे विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेकां के अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि जिस तरह का माहौल बन रहा उससे कश्मीरी लोगों को कहीं ये ना लगने लगे कि मोहम्मद अली जिन्ना का देश विभाजन का जो फैसला था, वह एकदम सही था।
विज्ञापन


फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि देश में जिस तरह का ट्रेंड चल रहा है, वह कश्मीर के लोगों के लिए मुश्किल दौर में से एक है। मुझे डर है कि कश्मीर के लोगों को ये न लगने लगे कि मोहम्मद अली जिन्ना की 'टू नेशन थ्योरी' ठीक थी। अब्दुल्ला ने यह बात हाल ही में हुए दादरी कांड, उधमपुर, मुंबई और फिर विधायक राशिद पर हुए हमलों के संदर्भ में कही।

देश के चल रहे हालातों पर फारुख अब्दुल्ला ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें बिहार चुनाव से ज्यादा देश की चिंता करने की ज्यादा जरूरत है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि मैं आपको बाताना चाहता हूं कि ये देश सबका है, यहां के लोगों का है। जिस दिन आपने ये सोच लिया कि ये देश केवल आपका या एक समुदाय का है उस दिन से भारत के टुकड़े होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
विज्ञापन

मोदी केवल एक समुदाय के प्रधानमंत्री नहीं हैं

पीएम मोदी को पता होना चाहिए कि वह केवल एक समुदाय के प्रधानमंत्री नहीं हैं बल्क‌ि एक अरब से अध‌िक की आबादी वाले देश के प्रधानमंत्री हैं। अब्दुल्ला ने कहा क‌ि, 'पीएम मोदी को बिहार चुनाव लड़ने की बजाय हिंदुस्तान को बचाने के लिए के बारे में सोचना चाहिए।'

उन्होंने कहा क‌ि ऐसे लोगों के ख‌‌िलाफ सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, अगर ऐसे मामलों में देरी हुई तो इन चीजों के बेकाबू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।अब्दुल्ला यहीं नहीं रुके आगे उन्होनें कहा क‌ि जो भी दादरी में हुआ या फिर जो भी हो रहा है, ये  इंड‌िया नहीं है। इन घटनाओं ने भारत की छवि को बेहद नुकसान हो रहा है। इसे देश में ही नहीं बल्क‌ि विदेशों तक में भारत की छवि खराब हो रही है।

मुझे बेहद अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि भारत का मुसलमान और भारत का अल्पसंख्यक समुदाय पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा ऐसा अटल बिहारी वाजपेयी के समय में भी नहीं था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें