उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कश्मीरी विस्थापित के लिए मंगलवार को श्रीनगर में वेबसाइट लांच की। इसके जरिए कश्मीरी विस्थापित अचल व सामुदायिक संपत्ति से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकेंगे। सरकार चाहती है कि मातृभूमि पर लौटने के इच्छुक कश्मीरी विस्थापितों का यह सपना साकार किया जाए।
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को कश्मीरी विस्थापितों के लिए उनकी जमीन और अन्य अचल संपत्तियों के बारे में शिकायतों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लांच किया। उप-राज्यपाल ने बताया कि पोर्टल का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। हालांकि इसे दो सप्ताह पहले एक वेब लिंक के जरिए शुरू किया था। हमें अब तक 745 शिकायतें मिली हैं।
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इस तरह काम करता है पोर्टल
इस ऑनलाइन पोर्टल के जरिए कश्मीरी विस्थापित अचल व सामुदायिक संपत्ति से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकेंगे। आवेदन करने के बाद यूनिक आईडी जेनरेट हो जाएगी। इसके बाद आवेदन उचित कार्यवाही के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के पास पहुंच जाएगा। इस संबंध में किभी भी जानकारी के लिए राहत एवं पुनर्वास आयुक्त कार्यालय जम्मू से 0191-2586218, 0191-2585458 पर संपर्क कर सकते हैं।
विस्थापितों की वापसी के लिए एक्शन मोड में सरकार
गौरतलब है कि सरकार कश्मीरी विस्थापितों की ससम्मान घर वापसी को लेकर प्रतिबद्ध है। हाल ही में उप-राज्यपाल ने घाटी वापसी के इच्छुक परिवारों के लिए पंजीकरण को जरूरी बताते हुए संबंधित विभागों को पंजीकरण व्यवस्था के निर्देश दिए थे। जम्मू समेत देश और विदेशों में बसे कश्मीरी विस्थापित राहत एवं पुनर्वास विभाग के पास अब ऑनलाइन पंजीकरण भी करवा सकते हैं।
कश्मीर घाटी में बनाए जा रहे 6 हजार ट्रांजिट आवास
कश्मीर घाटी के विभिन्न इलाकों में कश्मीरी विस्थापित कर्मचारियों के लिए छह हजार ट्रांजिट आवास बनाए जा रहे हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा कह चुके हैं कि इन आवासों का निर्माण समय से पूरा करने की प्रक्रिया के बीच कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कुल छह हजार ट्रांजिट आवास में से कुलगाम में 208, बडगाम में 96, गांदरबल, शोपियां, बांदीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा में 1200 जबकि सात अन्य स्थानों पर 2744 आवास बनाए जाने हैं।
विस्थापितों की मतदाता सूचियों को दुुरुस्त करने का काम भी चल रहा
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत कश्मीरी विस्थापितों की मतदाता सूचियों को दुुरुस्त करने का काम शुरू हो चुका है। कश्मीर से संबंधित विस्थापित मतदाताओं की सूचियों में संशोधन, नाम हटाने व जोड़ने के अलावा जिन मतदाताओं के मतदाता पहचान पत्र में फोटो नहीं हैं, वह लगाए जा रहे हैं। इस कवायद के लिए कश्मीर के विभिन्न जिलों के जिला चुनाव अधिकारियों के निर्देशों पर टीमें विस्थापित शिविरों का दौरा कर मतदाता सूचियों को दुरुस्त करने के अलावा चुनाव पहचान फोटो कार्ड की प्रक्रिया को पूरा करने में जुटी हुई हैं।
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