पश्चिम पाकिस्तान के शरणार्थियों का मुद्दा रियासत में सरकार बनाने की प्रक्रिया में रोड़ा बनता दिख रहा है। इस मुद्दे पर संसदीय समिति की रिपोर्ट भाजपा का क्षेत्रिय पार्टी के साथ गठबंधन में अड़न पैदा कर सकती है।
रिपोर्ट में शरणार्थियों को स्थायी शहरी का दर्जा दिए जाने की बात कही जाने के विरोध में क्षेत्रिय राजनीतिक दलों की भाजपा से दूरी और बढ़ गई है। मुख्यधारा समेत अलगाववादी नेताओं ने इसके विरोध में मोर्चा खोल दिया है।
दरअसल, संसदीय कमेटी ने गृह मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसमें इन शरणार्थियों को जम्मू कश्मीर का स्थायी नागरिक का दर्जा देने और विधानसभा में मतदान करने की इजाजत देने की सिफारिश की गई है। इससे जम्मू संभाग में आठ और विधानसभा क्षेत्रों की बढ़ोतरी होगी। साथ ही राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव आने की अटकलें लगाई जा रहीं हैं।
मतदान का अधिकार देने का विरोध
कश्मीर की सभी मुख्य क्षेत्रीय पार्टियों समेत अन्य राजनेता पश्चिमी पाकिस्तानी शरणार्थियों को जम्मू-कश्मीर में स्थायी शहरी नागरिकता और विधानसभा में उन्हें मतदान का अधिकार देने की संसदीय समिति की सिफारिश का विरोध कर रहे हैं।
चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई पीडीपी को भी इस फैसले से धक्का लगा है। राज्य में सरकार गठन पर भाजपा से कई मुद्दों पर माथापच्ची कर रही पीडीपी के लिए भाजपा से हाथ मिलाने में यह रिपोर्ट एक और बड़ी बाधा बन गई है।
पीडीपी युवा इकाई के अध्यक्ष वहीद उर रेहमान पर्रा का मानना है कि इन शरणार्थियों को अगर कोई आर्थिक पैकेज दिया जाता है तो ठीक है, मगर स्थायी शहरी का दर्जा दिया जाना उन्हें कभी भी मंजूर नहीं होगा। अनुच्छेद 370 से खिलवाड़ पीडीपी को बर्दाश्त नहीं होगा।
भाजपा रच रही है साजिश
नेकां के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अकबर लोन ने भी साफ लफ्जों में इसका विरोध किया है। उन्होंने कहा कि यह अनुच्छेद 370 के खिलाफ फैसला है। इसके विरोध में वह एड़ी चोटी का जोर लगाएंगे। लोन के अनुसार भाजपा की यह कोशिश जम्मू कश्मीर की जनसांख्यिकी बदलने की है।
कुपवाड़ा जिले की लंगेट सीट से विधायक और अवामी इत्तिहाद पार्टी के अध्यक्ष इंजीनियर रशीद, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फोरम के अध्यक्ष हकीम मोहम्मद यासीन ने भी इसका विरोध किया है। इंजीनियर रशीद सैकड़ों समर्थकों के साथ हाल ही में श्रीनगर रैली भी निकाल चुके हैं।
वहीं, भाजपा इन शरणार्थियों को उनका हक देने के फैसले पर अटल दिख रही है। भाजपा की कश्मीर इकाई के मीडिया प्रभारी अल्ताफ ठाकुर के अनुसार पिछले 50 वर्षों से यह लोग जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं।