कश्मीर में एक सिख युवती के साथ कथित जबरन धर्म परिवर्तन और निकाह के मामले में एक और मोड़ आ गया है। श्रीनगर की एक अदालत ने जम्मू-कश्मीर पुलिस को 12 जुलाई तक अकाली दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना और सामाजिक कार्यकर्ता अमन बाली के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को लेकर दायर की गई याचिका पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।
दरअसल जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता नासिर खुहेमी ने कोर्ट में इन तीनों के खिलाफ कश्मीर में उनकी बयानबाजी से सांप्रदायिक सौहार्द्र को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है। नासिर खुहेमी ने कहा कि सिख युवती के मामले में जिस तरह से बाहर से आए मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रदर्शन किए या बयानबाजी की, उससे यहां की अमन और शांति को भंग करने की कोशिश की गई। कश्मीर में मुसलमानों और सिखों के बीच के भाईचारे को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई।
कहा कि इसके अलावा रवींद्र रैना और अमन बाली ने भी बयानबाजी कर कश्मीरी समाज के खिलाफ एक प्रोपेगंडा चलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई। उनकी बयानबाजी के चलते हजारों छात्रों और अन्य लोगों की सुरक्षा दाव पर लग गई जो पंजाब या अन्य राज्यों में पढ़ाई या काम करते हैं।