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एक महीने बाद घाटी में आधी रात को बजी फोन की घंटियां, कुछ जिलों में मोबाइल-इंटरनेट सेवाएं बहाल

Thu, 05 Sep 2019 02:04 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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कश्मीर मे तैनात सुरक्षाकर्मी - फोटो : PTI
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एक माह बाद बुधवार आधी रात को घाटी के कुछ जिलों में मोबाइल की घंटियां बज उठीं। जबकि कश्मीर के एक बड़े इलाके में लैंड लाइन सेवा भी बहाल कर दी गई है।

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जिलाधिकारी शाहिद चौधरी ने संचार सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया, घाटी के ज्यादातर टेलीफोन एक्सचेंज बुधवार रात से ही काम करना शुरू कर देंगे। इसी तरह से मोबाइल सेवाओं को भी बहाल कर दिया जाएगा।

इसबीच दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग,कुपवाड़ा, उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिलों में मोबाइल फोन की घंटियां बज रही हैं। जबकि एक दिन पहले तक घाटी में 95 टेलीफोन एक्सचेंजों में से 76 में लैंडलाइन सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं। 
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गौरतलब है कि पिछले महीने पांच अगस्त को केंद्र की ओर से अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के बाद से घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।

ये भी पढें- जम्मू-कश्मीरः अनुच्छेद 370 के बाद अगला टारगेट रोहिंग्या, केंद्र सरकार ले सकती है बड़ा निर्णय
 

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पथराव में घायल युवकी की मौत

सुरक्षाबलों के साथ पिछले माह हुई झड़प में घायल एक प्रदर्शनकारी की बुधवार की सुबह स्थानीय अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद सिविल लाइंस समेत शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

समझा जाता है कि पाबंदियां एहतियातन लगाई गई हैं। प्रशासन जल्द ही इन्हें हटा लेगा, क्योंकि श्रीनगर समेत घाटी के अन्य इलाकों में सामान्य हो रहे माहौल को बनाए रखने के लिए ऐसा जरूरी माना जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, पांच अगस्त को राज्य से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने और जम्मू-कशमीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की घोषणा के विरोध में छह अगस्त को श्रीनगर के बाहरी इलाके सौरा में एक प्रदर्शन हुआ था।

इसमें सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए थे। घायलों में असरार अहमद खान (18) भी शामिल था। उसका इलाज सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ  मेडिकल साइंसेज में चल रहा था। लगभग एक महीने तक इलाज के बाद उसकी बुधवार तड़के मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक सबूतों से पता चला कि चोट संभवत: पत्थर लगने से हो सकती है।
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