सुरक्षाबलों के साथ पिछले माह हुई झड़प में घायल एक प्रदर्शनकारी की बुधवार की सुबह स्थानीय अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद सिविल लाइंस समेत शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।
समझा जाता है कि पाबंदियां एहतियातन लगाई गई हैं। प्रशासन जल्द ही इन्हें हटा लेगा, क्योंकि श्रीनगर समेत घाटी के अन्य इलाकों में सामान्य हो रहे माहौल को बनाए रखने के लिए ऐसा जरूरी माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, पांच अगस्त को राज्य से अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने और जम्मू-कशमीर व लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने की घोषणा के विरोध में छह अगस्त को श्रीनगर के बाहरी इलाके सौरा में एक प्रदर्शन हुआ था।
इसमें सुरक्षा बलों के साथ हुई झड़पों में कई लोग घायल हुए थे। घायलों में असरार अहमद खान (18) भी शामिल था। उसका इलाज सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में चल रहा था। लगभग एक महीने तक इलाज के बाद उसकी बुधवार तड़के मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक सबूतों से पता चला कि चोट संभवत: पत्थर लगने से हो सकती है।