जम्मू-कश्मीर सरकार के आदेश पर प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी है। पूर्व मंत्री पीरजादा मोहम्मद सैय्यद, एक पुलिस अधिकारी और होटल व्यवसायी से करीब 52 कनाल सरकारी भूमि खाली कराई गई। बुलडोजर से इनमें बनाए गए ढांचे गिराए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि अनंतनाग जिले के दहमल खोशीपोरा इलाके में पूर्व मंत्री के आवास की चहारदीवारी और एक सुरक्षा बंकर को गिराया गया। अनंतनाग के ही मट्टन इलाके में पुलिस उप महानिरीक्षक रैंक के एक अधिकारी के परिवार से नाम पर बगीचे की जमीन भी खाली कराई गई।
इन दोनों कार्रवाई में 12.5 कनाल भूमि वापस ली गई है। इस पर बनी दुकानों वाली तीन इमारतों को भी सील कर दिया गया है। दमहल के नायब तहसीलदार मोहम्मद यासीन ने कहा कि पूर्व मंत्री सैय्यद ने राज्य भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था।
अब इस जमीन का इस्तेमाल खेल मैदान या अस्पताल के लिए होगा। इसके अलावा श्रीनगर में एमए रोड पर स्थित होटल नेदोऊ के मालिकों द्वारा कब्जाई गई 40 कनाल भूमि खाली कराई गई है। अधिकारियों ने कहा कि होटल 153 कनाल पर बना है। इसमें 40 कनाल राज्य भूमि है और शेष पट्टे की जमीन है।
इस पर बनी चहारदीवारी और एक शेड गिराया गया। इससे पहले हवाई अड्डे के पास हुमहामा में एसएसपी रैंक के एक अधिकारी से जमीन खाली कराने के साथ नेकां महासचिव और पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर के आवास की चहारदीवारी और गार्ड हाउस को ध्वस्त किया गया है।
जकोरा में भी 36 कनाल भूमि खाली कराई
श्रीनगर जिला प्रशासन ने जकोरा पठान कॉलोनी में भी वहीं के निवासी हशमत खान से 36 कनाल सरकारी भूमि खाली करवाई। इस पर बने आवासीय क्वार्टर, गैराज और एक दीवार को बुलडोजर से तोड़ा गया है। तहसीलदार हजरत बिल केसर महमूद मलिक ने बताया कि जकोरा पठान कॉलोनी में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त किया है।