कश्मीर में हिंसा का दौर तीसरे दिन भी जारी रहा। मरने वालों की संख्या 31 बताई जा रही है। प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की, लेकिन एक स्थानीय एजेंसी ने नाम पतों सहित इनकी सूची जारी की है। सोमवार को सुबह से ही हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए।
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उन्मादी भीड़ ने सोपोर में पुलिस चौकी और अनंतनाग के डोरू में कोर्ट की इमारत फूंक दी। पुलवामा में एयरफोर्स के एयरपोर्ट को निशाना बनाया। लगभग तीन हजार यात्री श्रीनगर एयरपोर्ट पर फंसे हैं। 11 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू जारी है। अन्य इलाकों में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां है।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है। घाटी में दुकानें, निजी कार्यालय, व्यापारिक प्रतिष्ठान तथा पेट्रोल पंप बंद रहे। सड़कें वीरान हैं। सरकारी कार्यालयों और बैंकों में उपस्थिति बहुत कम रही। सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी के लिए उनके परिचय पत्र को कर्फ्यू पास के रूप में मान्य किया गया है। रेल सेवा, नेट और मोबाइल सेवा भी स्थगित हैं।
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पुलवामा में एयरफोर्स के एयरपोर्ट को बनाया निशाना
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- फोटो : PTI
पुलवामा के कोइल में वायुसेना के विमानतल पर प्रदर्शनकारियों ने जमकर पत्थर बरसाए। सूखी घास को आग लगा दी। सुरक्षा बलों द्वारा बार-बार खदेड़ने पर भी पथराव जारी रहा। पुलिस फायरिंग में तीन लोग घायल हुए। सोपोर में फल मंडी स्थित थाने में प्रदर्शनकारियों ने आग लगा दी।
हालांकि, जवान, हथियार, गोला बारूद तथा रिकार्ड सुरक्षित हैं। अनंतनाग जिले के डोरू में कोर्ट की इमारत को आग के हवाले कर दिया। श्रीनगर के छानपोरा इलाके में भी सुबह से प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया।
दक्षिणी कश्मीर के त्राल में हिंसक भीड़ ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला बोल दिया। यहां जवानों की ओर से की गई फायरिंग में 16 लोग घायल हो गए। भीड़ ने सोपोर फल मंडी पुलिस पोस्ट तथा लिट्टर पुलिस पोस्ट में भी आगजनी की।
पुलिस की कई इमारतों पर हमला किया गया। बिजबिहाड़ा के जैरपोरा में तैनात पुलिस और सीआरपीएफ जवानों को निशाना बनाकर आतंकियों ने फायरिंग की। इसका जवानों ने भी जवाब दिया। तीन लोग घायल हो गए। यहां घायल हुए तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अलगाववादियों ने घाटी में दो दिन बंद और बढ़ा दिया है। अब 13 जुलाई तक हड़ताल रहेगी। प्रमुख अलगाववादी अभी भी नजरबंद हैं। सेंट्रल यूनिवर्सिटी कश्मीर ने 18 जुलाई तक की परीक्षाएं और काउंसिलिंग को भी स्थगित कर दिया है।
थाने से हथियारों का जखीरा गायब
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- फोटो : PTI
दक्षिणी कश्मीर के दमहाल हांजीपोरा पुलिस थाने पर शनिवार को भीड़ के हमले के बाद गायब हथियारों का अब भी पता नहीं चल पाया है। पुलिस के अनुसार 21 इंसास रायफल, 12 एसएलआर, दो एके 47, एक एलएमजी, तीन कारबाइन मशीन गन शामिल हैं।
इसके साथ ही 108 इंसास मैग्जीन, छह कारबाइन मशीन गन मैग्जीन, 18 एसएलआर मैग्जीन, एक एलएमजी मैग्जीन तथा पांच एके 47 मैग्जीन शामिल हैं। गोलियों की संख्या का आकलन नहीं हो पाया है। ज्यादातर मैग्जीन पूरी तरह लोड थी।
पुलिस के अनुसार कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गायब हैं। पुलिस के वायरलेस कम्युनिकेशन कोड दस्तावेज (जिसके आधार पर कोड में सूचनाएं प्रसारित की जाती हैं), केस डायरी और कुछ अन्य दस्तावेज भी गायब हैं।
सोमवार को पत्थरबाजों ने शोपियां जिले के वीहीबाग इलाके में पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को बंधक बना लिया। पुलिस अधिकारियों द्वारा वरिष्ठ स्थानीय नागरिकों से इस मामले में युवाओं को समझाने और हेड कांस्टेबल को मुक्त कराने में मदद के लिए कहा गया।
सूत्रों की मानें तो पुलिस की अपील को खारिज कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े हैं कि पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए पत्थरबाजों को रिहा करने के बाद ही बंधक बनाए गए हेड कांस्टेबल को मुक्त किया जाएगा। हेड कांस्टेबल की पिटाई भी की गई है। शनिवार से दमहाल हांजीपोरा थाने में तैनात तीन पुलिसकर्मी भी अभी तक लापता हैं।