कारगिल, द्रास और बटालिक सेक्टर में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई को अभूतपूर्व सफलता के रूप में मान्यता दी गई। देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कारगिल युद्ध के लिए छेड़े गए आपरेशन विजय की सफलता की औपचारिक घोषणा कर दी।
चार जुलाई को अमेरिकी मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच हुए समझौते के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कारगिल से फौज को वापस बुला लिया था, लेकिन चौदह जुलाई से पूर्व तक पाकिस्तानी सेना ने अपनी वापसी का क्रम पूरा नहीं किया था।
एलओसी से सटे कई पर्वतीय इलाकों में भारतीय सेना को अभियान आगे बढ़ाना पड़ा, लेकिन चौदह जुलाई को देश के प्रधानमंत्री ने अभियान को सफल करार दे दिया। इसे युद्ध की अनौपचारिक समाप्ति के रूप में लिया गया।