भारतीय सेना के जबरदस्त जवाबी हमलों से दबाव में आई पाकिस्तानी सेना कारगिल युद्ध की रणभूमि को छोड़ चुकी थी। लेकिन घुसपैठियों की मौजूदगी का अंदेशा भी बना हुआ था। सेना की स्पेशल फोर्स के छह पैरा ने एक पैरा के साथ मिलकर मश्कोह घाटी के प्वाइंट 4745 सहित किरड़ी नार्थ के पश्चिमी हिस्से पर कब्जा हासिल कर लिया।
सात पैरा ने बकरवाल चोटी पर धावा बोला और प्वाइंट 4700 को अपने कब्जे में ले लिया। इन पर्वतीय चोटियों पर पहुंची भारतीय सेना की टुकड़ियों को बड़े पैमाने पर असलहा और युद्ध के लिए बनाए जाने वाले स्टोर मिले। सावधानीपूर्वक सारा असलहा बरामद कर लिया गया।
सात पैरा की टुकड़ी ने इसके बाद प्वाइंट 4690 और छह पैरा ने प्वाइंट 4905 को फिर से अपने कब्जे में लेकर तिरंगा झंडा फहरा दिया। स्पेशल फोर्स के इस हमले को देख कारगिल सेक्टर से घुसपैठियों ने पाकिस्तान वापसी तेज कर दी।