कैप्टन ने कहा कि बिना वर्दी पहने भी कोई देश के लिए बहुत कुछ कर सकता है। जब मैंने देश भर में यात्रा की और शहीदों के परिवारों से बातचीत की तो मुझे यही एहसास हुआ।
एक प्रसिद्ध कहावत है कि यह मत पूछो आपका देश आपके लिए क्या कर सकता है, यह पूछें कि आप देश के लिए क्या कर सकते हैं। इसकी अवधारणा को ध्यान में रखते हुए कारगिल कैप्टन के नाम से मशहूर केसी भंडारी पिछले 22 वर्षों से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कारगिल वार मेमोरियल जा रहे हैं।
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इस बार भी अपनी टीम के साथ देश की 22 प्रमुख नदियों से मिट्टी लेकर बारामुला पहुंचे। यहां से झेलम दरिया से मिट्टी लेकर वह कारगिल वार मेमोरियल के लिए रवाना हुए। मंगलवार को उन्होंने कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
सोमवार को कैप्टन भंडारी छह सदस्यीय टीम के साथ श्रीनगर से बारामुला के काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स (किलो) के हैदरबेग स्थित राष्ट्रीय राइफल्स के मुख्यालय पहुंचे। उनकी टीम ने किलो मुख्यालय में स्टेशन कमांडर, ब्रिगेडियर आलोक दास के साथ एक संक्षिप्त मुलाकात की और झेलम दरिया से मिट्टी एकत्र की।
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कैप्टन ने कहा, बिना वर्दी पहने भी कोई देश के लिए बहुत कुछ कर सकता है। जब मैंने देश भर में यात्रा की और शहीदों के परिवारों से बातचीत की तो मुझे यही एहसास हुआ।