जम्मू संभाग के बिश्नाह में एसएसबी के पूर्व कर्मी की खुदकुशी मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने एसएसपी जम्मू को जांच के आदेश जारी किए हैं। याचिका में शिकायतकर्ता ने तत्कालीन एसडीएम नॉर्थ जम्मू और वर्तमान में एडिशनल डीसी श्रीनगर आईएएस अधिकारी श्रीकांत सुस, बिश्नाह तहसीलदार सोहन राणा और एसएचओ बिश्नाह ताहिर यूसुफ पर पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया।
यह भी पढ़ें- Exclusive: घाटी में दबाव के बाद आतंकियों ने बदली हमले की रणनीति
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट अनंता रैना ने एसएसपी को आदेश दिए कि तीनों अधिकारियों के खिलाफ जांच की जाए। अधिकारियों पर आरोप है कि रिंग रोड को लेकर पूर्व एसएसबी कर्मी को बिना नोटिस दिए उसका मकान गिराया गया। जिसकी वजह से उसने खुदकुशी कर ली। मृतक की पत्नी कलमेश कुमारी ने एडवोकेट एके साहनी के जरिए कोर्ट में शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी।
शिकायत में बताया गया कि एसडीएम रहे श्रीकांत सुसे ने 13 जुलाई को एक नोटिस जारी किया। इसमें मृतक के परिवार को घर खाली करने को कहा गया लेकिन यह नोटिस न तो मृतक को उसके मरने से पहले मिला और न ही उसके बेटे को।
यह भी पढ़ें- लश्कर कमांडर नसीरुद्दीन के खात्मे के साथ छह जवानों की शहादत का बदला पूरा, पढ़िए लोन का हैदर कनेक्शन
इस नोटिस को बिश्नाह के तहसीलदार सोहन राना ने 17 जुलाई तक अपने पास रखा, जबकि 18 जुलाई को वह बिश्नाह के एसएचओ ताहिर यूसुफ के साथ हरबंस लाल के घर क्रेन और बुल्डोजर लेकर पहुंच गए। चारदिवारी और घर का कुछ हिस्सा तोड़ डाला। शिकायत में कहा गया कि हाईवे अथॉरिटी, ठेकेदार, बिश्नाह के तहसीलदार और एसएचओ ने मिलकर प्लान बनाकर यह सब जानबूझ कर किया।