फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर: दुष्कर्म में फंसे जज अबरोल बर्खास्त, सरकार की ओर से जारी किया गया आदेश

Sun, 19 Dec 2021 12:02 AM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के फुल कोर्ट की संस्तुति पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने निलंबित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सब जज राजेश कुमार अबरोल को बर्खास्त कर दिया है। सेवा समाप्ति का आदेश 21 अक्तूबर से होगा प्रभावी। कोर्ट ने 17 साल कैद व 70 हजार जुर्माने की सुनाई है सजा। 
विज्ञापन
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के फुल कोर्ट की संस्तुति पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने निलंबित सिविल जज (सीनियर डिवीजन) एवं सब जज राजेश कुमार अबरोल को बर्खास्त कर दिया है। नौकरानी से धोखे से शादी एवं दुष्कर्म के दोषी राजेश को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अक्तूबर महीने में 17 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। 

विज्ञापन


कानून एवं संसदीय मामलों के विभाग के सचिव अचल सेठी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 21 अक्तूबर से उनकी सेवाएं समाप्त की गई हैं। उप राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 311 का उपयोग करते हुए तथा फुल कोर्ट की संस्तुति पर बर्खास्तगी को मंजूरी प्रदान की है। 

जम्मू फास्ट ट्रैक कोर्ट ने धोखे से शादी और दुष्कर्म के दोषी राजेश कुमार अबरोल को 17 साल की कैद और 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। धोखे से शादी के लिए जुर्माने सहित सात साल सामान्य कैद व दुष्कर्म के लिए जुर्माने समेत दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेंगी।
विज्ञापन


राजेश पर नौकरानी से फ र्जी शादी करने के बाद दुष्कर्म करने का मामला 12 जनवरी 2018 को दर्ज हुआ था। अभियोजन प्रक्रिया के तहत आरोपी पर दोष साबित हो गया। फ ास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी खलील ने कहा कि जुर्माना राशि न देने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी।

एक महिला ने कराई थी मुलाकात
महिला नगरोटा के बन टोल प्लाजा के पास अपनी बेटी के साथ रहती थी, जो पति से मतभेद के मामले में एक अन्य महिला के जरिये उप जज राजेश अबरोल से मिली थी। सब जज ने महिला से कहा कि वह उसकी कानूनी मदद करेगा। इसके साथ ही उसे अपने घर में नौकर रख लिया।

अभियोजन के अनुसार जब जज को एक दिन पता चला कि वह अपने घर जा रही है तो उसने नौकरानी की मांग भर दी। वहीं, बच्ची को पढ़ाने सहित हर माह पांच हजार रुपये देने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने दुष्कर्म किया। बाद में पता चला कि उप जज की पत्नी भी है। इसे लेकर उप जज और पीड़िता में बहस हुई। मामला कोर्ट में पहुंचा। जिसके बाद एसएसपी जम्मू को मामले की जांच के आदेश दिए गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें