जम्मू यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. मोहन पाल सिंह ईशर के इस्तीफे पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। राज्यपाल के प्रमुख सचिव राकेश गुप्ता के अनुसार मंगलवार को वीसी का इस्तीफा मिला है। उस पर अभी विचार चल रहा है। इस्तीफे पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि एक्सटेंशन न मिलने के कारण वीसी ने तीन माह पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया है। जम्मू यूनिवर्सिटी से विदा होने के बाद उनकी योजना गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी (जीएनडीयू) अमृतसर में फिर से प्रोफेसर के रूप में जुड़ने की है।
मूल रूप से जीएनडीयू (अमृतसर) के औषधि विज्ञान विभाग के प्रोफेसर सिंह तीन नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। जीएनडीयू उन्हें एक्सटेंशन देने के लिए तैयार है। इस्तीफा देने के बाद वह बुधवार को गवर्नर हाउस से मंजूरी का इंतजार करते रहे।
एक्सटेंशन न मिलने पर छोड़ी कुर्सी?
उन्होंने एक से चार नवंबर तक छुट्टी भी ले रखी है। इसकी स्वीकृति गवर्नर हाउस से मिल गई है। वीसी ईशर ने बताया कि गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी में वह प्रोफेसर के रूप में दोबारा जुड़ने जा रहे हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि जम्मू यूनिवर्सिटी में एक्सटेंशन नहीं मिलने के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया है, ताकि जीएनडीयू में फिर से जुड़ सकें। जीएनडीयू में एक्स्टेंशन मिलने की बात भी उन्होंने स्वीकार की। विशेष दीक्षांत समारोह पर उनका कहना था कि जो वीसी रहेंगे, वह देखेंगे।
हालांकि अगले वीसी की संभावनाओं पर उन्होंने गवर्नर हाउस के फैसले की ओर संकेत किया। उल्लेखनीय है कि 27 जनवरी, 2012 को प्रो. ईशर ने जम्मू यूनिवर्सिटी के कुलपति का पद संभाला था। उनके तीन साल का कार्यकाल 27 जनवरी, 2015 को समाप्त होना था।
जम्मू यूनिवर्सिटी के वीसी चैंबर में कुलपति प्रो. मोहनपाल सिंह ईशर से मिलने के लिए दिन भर यूनिवर्सिटी के संगठनों और प्राध्यापकों के मिलने का तांता लगा रहा। मुलाजिमों का दल भी उनसे मिला और उनके कार्यों को सराहा। जम्मू यूनिवर्सिटी के अगले वीसी कौन होंगे, इस पर दिन भर कैंपस में चर्चा होती रही।