सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में पत्रकार शुजात बुखारी का कालित आजाद मलिक उर्फ दादा जरूर मारा गया, लेकिन असली कातिल अब भी जिंदा है और पकड़ से बाहर है।
आतंकी नावेज जट्ट बुखारी की हत्या का मास्टरमाइंड है। मारा गया आतंकी आजाद मलिक नावेद का दाहिना हाथ था। सूत्रों का कहना है कि कुछ समय पहले ही यह दोनों अलग अलग हो गए।
क्योंकि इन दोनों को पता चल चुका था कि अगर साथ में रहेंगे तो दोनों मारे जाएंगे। इससे इनको खतरा था। इसलिए यह दोनों कुछ महीनों से अलग अलग हो गए।
हालांकि शुक्रवार को जब छह आतंकी मारे गए तो नावेद जट्ट का नाम भी सामने आया कि वह आपरेशन में मारा गया है, लेकिन बाद में यह खबर झूठी निकली। सिर्फ आजाद ही मारा गया। 14 जून को नावेद और आजाद ने बुखारी की हत्या कर दी थी।