जम्मू में भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में सत शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि चुनाव में केवल पात्र मतदाता ही मतदान करें। उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक यह नहीं चाहेगा कि अपात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल कर मतदान का अधिकार दिया जाए।
सत शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर केंद्र की भाजपा सरकार के प्रभाव में काम करने के आरोप लगाए हैं।
चुनाव आयोग को लेकर यह विवाद एक मीडिया रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ जिसमें दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने एसआईआर से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की थीं। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, चुनाव आयोग ने हाल में स्पष्ट किया कि एसआईआरसे जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे। भाजपा नेताओं ने इस स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।
सत शर्मा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को देश और जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर लगातार सवाल खड़े करने का आरोप भी लगाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस दौरान कांग्रेस के पुराने राजनीतिक रुख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अतीत में भी चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सेना और सैन्य अभियानों को लेकर कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया।
वहीं, चुनाव आयोग से जुड़े विवाद में कांग्रेस ने आयोग के स्पष्टीकरण के बाद भी कुछ सवालों के अनुत्तरित रहने का दावा किया है। इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।