श्रीनगर में बाढ़ का असर राशन कार्ड धारकों को मिलने वाली चीनी पर भी पड़ा है। बाढ़ का पानी सचिवालय में घुसने से कई दिनों तक कामकाज ठप रहा। इससे जन वितरण प्रणाली के तहत राशन की चीनी का ठेका फाइनल नहीं हो पाया।
ठेका फाइनल न होने से सितंबर महीने की चीनी राशन कार्ड धारकों को नहीं मिल पाई है। महाराष्ट्र की चीनी कंपनी से सालाना कांट्रैक्ट खत्म होने के बाद कंपनियों से आमंत्रित की गई निविदाओं पर फैसला होने में देरी से राशन की चीनी के लिए राशन कार्ड धारकों को इंतजार करना पड़ सकता है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार में रियासत में राशन कार्ड धारकों के लिए 84,400 मीट्रिक टन चीनी के लिए महाराष्ट्र की कंपनी से ठेका अवधि समाप्त होने के बाद राष्ट्रीय स्तर की चीनी उत्पादक कंपनियों से निविदा आमंत्रित की गई थी।
काम ठप नहीं हो पा रहा ठेका
श्रीनगर में बाढ़ से हुई तबाही और सचिवालय में पानी भर जाने से हासिल निविदाओं पर फैसला लेने में देरी हुई है। जम्मू कश्मीर के उपभोक्ता और जन वितरण मंत्री मोहम्मद रमजान का कहना है कि बाढ़ की वजह से नागरिक सचिवालय में भी कई दिनों तक कामकाज ठप पड़ा रहा।
इस कारण राशन की चीनी के लिए कंपनी के साथ ठेका करने के मामले में देरी हुई है। अब सचिवालय खुल चुका है और जल्द इस बारे में फैसला लिया जाएगा, ताकि राशन कार्ड धारकों को चीनी के लिए ज्यादा इंतजार न करना पड़े।
राशन डीलरों को झेलना पड़ रहा गुस्सा
आगामी त्योहारों को देखते हुए राशन की चीनी न मिलने से राशन कार्ड धारकों के गुस्से का शिकार राशन डीलरों को होना पड़ रहा है। राशन डीलर्स एसोसिएशन जम्मू के प्रधान प्रभु दयाल शर्मा का कहना है कि राशन की चीनी नहीं आने पर राशन कार्ड धारक उनसे झगड़ते हैं।
उनके पास कोई जवाब नहीं है। सरकार और विभाग को इस संबंध में जल्द फैसला लेना चाहिए या जनता को असलियत की जानकारी देनी चाहिए।