केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सर्वदलीय बैठक किसी विशेष राजनीतिक दल के नुख्ते नजर नहीं थी, बल्कि यह बैठक लोकतंत्र की जीत और जम्मू-कश्मीर के तमाम राजनीतिक दलों की लोकतंत्र के प्रति निष्ठा को दर्शाती है।
परिसीमन आयोग स्वतंत्र संस्था है। परिसीमन के दौरान पूर्व में जो कोताहियां हुई हैं उन्हें दूर किया जाएगा। इसके बाद चुनाव आयोग जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव को लेकर फैसला लेगा। सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित राजनीतिक दलों ने भाग लिया। सभी ने भारत के लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया है। यह भी कहा कि परिसीमन और विधानसभा चुनाव में भी उनका सहयोग रहेगा। यह बातें कठुआ में मीडिया कर्मियों से मुखातिब केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहीं।
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उन्होंने कहा कि बैठक में भाग लेने वाले राजनीतिक दलों ने एक स्वर में प्रधानमंत्री की ओर से की गई पहल का स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने दो बिंदुओं पर बल दिया है, जिसमें जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करना और विकास को और गति देना शामिल है। जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पंचायती राज की थ्री टियर व्यवस्था स्थापित कर दी गई है और प्रदेश में विकास की गति पिछले कुछ वर्षों में तेज हुई है।
महबूबा मुफ्ती की ओर से अनुच्छेद 370 और पाकिस्तान से बातचीत को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा कि बातचीत पर विदेश मंत्रालय निर्णय करता है, और यह बैठक का बिंदू भी नहीं था। उन्होंने कहा कि चौदह में से छह नेता जम्मू का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।