क्षेत्र के बीएसएफ के जवानों ने अपने उच्चाधिकारियों पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही जांच कर कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाने वाले जवानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वह आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे।
बीएसएफ की 33वीं वाहिनी के जवान सुनील कुमार, कैप्टन सिंह और कमल कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार सिंह और डिप्टी कमांडेंट अजय सिंह पर मारपीट करने और प्रताड़ित करने के साथ वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है।
सिपाही कैप्टन सिंह के अनुसार वाहिनी के कमांडेंट और डिप्टी कमांडेंट की तानाशाही के चलते मुझे मिरगी के दौरे की शिकायत आई। तीन बार यूनिट के अंदर सरेआम पीटा गया। एक बार पीटने के बाद निर्वस्त्र भी किया गया।
'वेतन नहीं दिया और भगोड़ा घोषित कर दिया'
कैप्टन सिंह के अनुसार उन्हें पिछले पांच माह से वेतन भी नहीं दिया गया और भगोड़ा घोषित कर रखा है, जबकि रोज यूनिट में उपस्थित हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया जा रहा।
पत्नी बबली के साथ आए सिपाही सुनील कुमार ने बताया कि कैप्टन सिंह के साथ मारपीट के बाद गवाही देने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा। कई बार बिना कारण भी सजा दी गई।
उन्होंने बताया कि उनका वेतन भी पांच बार काटा गया। मेरे परिवार को यूनिट में क्वार्टर भी नहीं दिया गया। किराये के मकान में रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कमांडेंट और डिप्टी कमांडेंट ने अपना एक दस्ता बना रखा है। वह किसी के बोलने पर मारपीट करते हैं। मैं डिस्क की समस्या से ग्रस्त हूं।
'प्रताड़ित करते हैं, छुट्टी नहीं देते'
डाक्टरों ने बेड रेस्ट के लिए खिला है। इसके बावजूद मुझे ड्यूटी देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। रोती हुई पत्नी बबली ने बताया कि पांच महीने से परिवार परेशानी में गुजर बसर कर रहा।
उन्होंने कहा कि अगर उनके पति को कुछ होता है, तो उसकी जिम्मेदार संबंधित अधिकारी होंगे। सिपाही कमल ने बताया कि पिछले 22 वर्षों से बीएसएफ में कार्यरत हूं।
यूनिट में अधिकारियों की तानाशाही के चलते सिपाहियों से मारपीट हो रही। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा। छुट्टी नहीं दी जाती। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी की शादी तय हो गई थी, लेकिन छुट्टी नहीं दी गई।
इसके चलते शादी स्थगित करनी पड़ी। इससे चार लाख का नुकसान उठाना पड़ा। मारपीट से सिपाही तंग हैं। कई डर से बोलते भी नहीं।