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यूजीसी ने जम्मू यूनिवर्सिटी को दिया बड़ा झटका

Wed, 10 Jun 2015 07:51 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) ने जम्मू विश्वविद्यालय को वर्ष 2015-16 के सेशन में कोई राष्ट्रीय स्तर की खेल चैंपियनशिप अलाट नहीं की है। पिछले कई साल से राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिपों की मेजबानी कर रहे जम्मू विश्वविद्यालय में इस बार कोई ऐसी स्पर्धा न होने से खिलाड़ियों में निराशा है।
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बताया जाता है कि विश्वविद्यालय के पास अपना कमजोर ढांचा ऐसी बड़ी चैंपियनशिपों की मेजबानी में बड़ा रोड़ा बन रहा है। शारीरिक शिक्षा विभाग विवि के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ के अनुसार इस बार यूजीसी के पास वालीबाल चैंपियनशिप के लिए आवेदन भेजा गया था। जिसे अलाट नहीं किया गया है।

उल्लेखनीय है कि जम्मू विश्वविद्यालय पिछले कई साल से राष्ट्रीय स्तर की खेल चैंपियनशिपों की मेजबानी कर रहा है। वर्ष 2009 में हुई आल इंडिया अंतर यूनिवर्सिटी हाकी में देशभर के धुरंधरों ने जलवे दिखाए थे।
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इसी तरह वर्ष 2010 में आल इंडिया अंतर यूनिवर्सिटी फेंसिंग, वर्ष 2012 में आल इंडिया वाइस चांसलर ट्वंटी-20, वर्ष 2013 में अंतर यूनिवर्सिटी कार्फबाल और वर्ष 2014 में नार्थ जोन (पुरुष और महिला) अंतर यूनिवर्सिटी बैडमिंटन, नार्थ जोन और आल इंडिया अंतर यूनिवर्सिटी हैंडबाल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली, लेकिन इस बार यूजीसी की ओर से किसी भी चैंपियनशिप की मेजबानी नहीं दी गई है। विवि के मैदान पर राष्ट्रीय स्तर की चैंपियनशिप न होने से खिलाड़ियों को आगे आने का प्लेटफार्म नहीं मिलेगा।

विश्वविद्यालय जम्मू का शारीरिक शिक्षा विभाग अंतर कालेज स्तर पर 36 खेलों की मेजबानी कर रहा है। मजेदार बात यह है कि उसके पास अपने सिर्फ चार ही कोच उपलब्ध हैं। बाकी के खेल राम भरोसे ही चल रहे हैं। इसके विपरीत कश्मीर विश्वविद्यालय में 12 कोचों के पद सृजित हैं। वर्ष 1976 के बाद शारीरिक शिक्षा विभाग विवि में कोच का कोई नया पद सृजित नहीं हो पाया है।

विभाग के पास टेबल टेनिस, फुटबाल, वालीबाल और क्रिकेट कोच के ही स्थायी पद सृजित हैं, जबकि अन्य किसी भी खेल में कोई स्थायी पद ही नहीं है। इसके अलावा पिछले करीब डेढ़ साल से विभाग में सहायक निदेशक का पद खाली पड़ा हुआ है।

इसी तरह पीटीआई कैंपस का पद भी कई साल से खाली पड़ा है। विश्वविद्यालय में अन्य विभागों को विकसित करने की दिशा में तेजी से काम हुआ है, मगर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोचों के नए पद लाने को कछुआ चाल ही रही है। विभाग ने एथलेटिक, हाकी, रेसलिंग/जूडो, कबड्डी/खो-खो, बैडमिंटन, बास्केटबाल के कोचों के पद मांगें गए हैं, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो पाया है।
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