Jammu Medical Employees Strike
- फोटो : निखिल मेहता
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों की चार साल से लटके पदोन्नति के मामलों को क्लीयर करने के लिए लंबित विभागीय पदोन्नति कमेटी की बैठक को तत्काल करवाया जाना चाहिए। इस प्रमुख मांग को लेकर 25 मई को भी हड़ताल की गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार ने मांगों को हल करने के लिए कोई रुचि नहीं दिखाई।
पांच महीनों से लंबित फीमेल मल्टी पर्पस हेल्थ वर्कर्स का वेतन भी तत्काल जारी करने की मांग की गई हैं। इसके अलावा पुरानी पेंशन योजना को राजस्थान की तर्ज पर बहाल करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद फार्मासिस्टों को पंजीकरण में समस्या आ रही है। इस मसले का समाधान करने की मांग भी उठाई गई है। हड़ताल के दौरान जीएमसी व एसोसिएटेड अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं रहा, लेकिन जिला स्तर व उप जिला स्तर के अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं।