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Jammu News: रणजी में जम्मू-कश्मीर के पास इतिहास रचने का मौका

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एलीट ग्रुप में 29 अंकों के साथ रही टॉप पर, अगला मुकाबला बड़ौदा से
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खिलाीड़ी बोले- टीम का प्रदर्शन सराहनीय, बड़ा उल्टाफेर करने का है माद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। टीम ने 10 साल बाद 42 बार की चैंपियन मुंबई को हराकर एलीट ग्रुप ए में 29 अंकों के साथ टाॅप कर नॉकआउट में स्थान लगभग पक्का कर लिया है।
जम्मू-कश्मीर का प्रदर्शन रणजी ट्रॉफी में बीते कुछ सालों से अच्छा नहीं रहा है। रणजी ट्रॉफी के 2023-24 सत्र में जम्मू-कश्मीर एलीट ग्रुप डी में चौथे और 2022-23 के सत्र में सातवें स्थान पर रहा था। इसके बाद से प्रदेश में खेल सुविधाओं के साथ-साथ तकनीक में काफी बढ़ोतरी हुई है।
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खिलाड़ियों के लिए देश के विभिन्न राज्यों में प्रशिक्षण शिविर लगाने से लेकर उन्हें बेहतर कोच उपलब्ध करवाने तक हर पहलु पर काम किया गया है, जिसके अब बेहतर नतीजे मिलने लगे हैं। टीम के पास अनुभवी व युवा खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण है। अब्दुल समद, रासिक सलाम, उमरान मलिक, विवरांत शर्मा जैसे युवा खिलाड़ियों के साथ-साथ शुभम खजूरिया, आकिब नबी, आबिद मुश्ताक और उम्र नजीर जैसे अनुभवी खिलाड़ी है।
इस बार रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर ने अभी तक सर्विसेज, मेघालय और मुंबई जैसी बड़ी टीमों को मात दी है, जबकि महाराष्ट्र के खिलाफ मुकाबला ड्रा कर जरूरी अंक हासिल किए थे। टीम ने अभी तक छह में से चार मैच में जीत हासिल की है, जबकि दो मैच ड्रॉ रहे हैं।
पारस डोगरा की कप्तानी में जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने की ओर अग्रसर है। अगर टीम का इसी तरीका का प्रदर्शन जारी रहा तो इस बार जम्मू-कश्मीर बड़ा उल्टाफेर रखने का माद्दा रखती है। संतुलित बल्लेबाजी और शानदार तेज गेंदबाजी के दम पर टीम ने रणजी ट्रॉफी में अभी तक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।
जारी रणजी ट्रॉफी के रिकॉर्ड भी जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों के नाम रहे हैं। सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में जम्मू कश्मीर के आकिब नबी तीसरे स्थान पर है। उन्होंने छह मैच में 38 विकेट लिए हैं, जिसमें चार बार पांच विकेट लिए है। बल्लेबाजी में भी शुभम खजूरिया छह मैचों में 563 रन बनाकर 14वें स्थान पर हैं। सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामलों में अब्दुल समद दूसरे स्थान पर हैं।


इरफान के मेंटर बनने के बाद आया बदलाव
पूर्व रणजी खिलाड़ी और जम्मू-कश्मीर टीम के मुख्य चयनकर्ता विनोद शर्मा बताते हैं कि इरफान पठान के बतौर मैंटर और खिलाड़ी के रूप में टीम से जुड़ने के बाद सकारात्मक बदलाव आया है। खिलाड़ियों को जीत के लिए खेलने की ओर प्रेरित किया है। हमारे खिलाड़ियों में प्रतिभा है बस उन्हें बेहतर मंच और प्रशिक्षण देने की जरूरत है।


30 को बड़ौदा के साथ जम्मू कश्मीर की भिड़ंत
रणजी ट्रॉफी में जम्मू कश्मीर का अगला मुकाबला 30 जनवरी को होगा। बड़ौदा के खिलाफ होने वाले इस मैच मैं जम्मू-कश्मीर जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल की तरफ अपनी दावेदारी मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। बड़ौदा की टीम ने अभी तक खेल छह मैच में से चार में जीत हासिल की है, जबकि एक में हर और एक मुकाबला बराबरी पर रहा था। टीम के 27 अंक है।
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शानदार प्रदर्शन के लिए दो लोगों का अहम योगदान
जम्मू-कश्मीर टीम को इस शानदार प्रदर्शन के पीछे दो लोगों का योगदान है। कप्तान पारस डोगरा और कोच अजय शर्मा। अजय शर्मा घरेलू क्रिकेट के बड़े खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 10000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनके पास भारत के लिए एक टेस्ट और 31 वनडे खेलने का अनुभव भी है।
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