अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। घटना के बाद करीब तीन बजे जैसे ही सुमित की पत्नी जीएमसी पहुंची तो अस्पताल चीख-पुकार से गूंज उठा। सुमित की बेटी भी उसकी पत्नी के साथ ही थी। इस दौरान साथ में आई महिलाओं और परिवार के सदस्यों ने जैसे-तैसे उसे संभाला।
घरवालों के साथ उसकी पत्नी अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचीं। यहां पहुंचते ही उसने जोर-जोर से चीखना शुरू कर दिया। इससे आसपास के लोग भी आशंकित हो गए। परिवार के बाकी सदस्यों ने उसे जैसे-तैसे संभाला और मोर्चरी की तरफ ले रहे। यहां सुमित के परिवार के सदस्य और रिश्तेदार भी मौजूद थे।
मोर्चरी के गेट पर पहुंचते ही उसने सुमित को देखने के लिए अंदर जाने की जिद शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों और घरवालों से जैसे-तैसे उसे संभाला। इसके बाद उसने मोर्चरी के बाहर की विलाप करना शुरू कर दिया। इस सब में उसके सिर में भी चोट लग गई। जिसके बाद परिवार वालों ने उसका उपचार करवाया। इसके बाद भी काफी समय तक मोर्चरी के बाहर ही बैठी रही। इस दौरान सुमित के पिता और बाकी रिश्तेदार भी रोते-बिलखते रहे।