ठगों ने कहा- कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक के साथ पंजीकृत
पुलिस ने बताया कि इस संबंध में 2020 में केस दर्ज किया गया। आरोपियों ने शिकायतकर्ताओं और अन्य लोगों को हर 15 दिनों के बाद उनकी जमा राशि पर बोनस आय प्रदान करने और जमाकर्ताओं का एक नेटवर्क बनाने पर अतिरिक्त बोनस आय प्रदान करने का वादा किया। लोगों को आश्वासन दिया गया कि कंपनी वास्तविक है और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ पंजीकृत है। कंपनी ने तीन महीने के भीतर स्थानीय निवासियों से भारी रकम एकत्र की।
अधिकारी ने कहा कि पुलिस को शिकायत मिलने के बाद, प्रारंभिक सत्यापन किया गया और धोखाधड़ी के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुए, जिससे गहन जांच के लिए कानून की संबंधित धाराओं के तहत एक औपचारिक मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अब आरोप पत्र दायर किया गया है।