प्रदर्शनकारियों ने मांगें जल्द पूरी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश के दौरे पर पहुंच रहे हैं। उन्हें उम्मीद जगी है कि वे उनकी मांगों को अनदेखा नहीं करेंगे।
अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जलशक्ति विभाग के अस्थाई कर्मचारियों ने 105 दिनों से हड़ताल पर हैं। सोमवार को उन्होंने नारेबाजी करते हुए रोष व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने मांगें जल्द पूरी करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश के दौरे पर पहुंच रहे हैं। उन्हें उम्मीद जगी है कि वे उनकी मांगों को अनदेखा नहीं करेंगे।
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इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी मांगें हल नहीं हो रही हैं। ऐसे में अब गृहमंत्री से अपील की जा रही है। मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है। अभी तक कोई भी अधिकारी वार्ता के लिए आगे नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन को और तीव्र बनाने पर भी रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेशभर में 22 हजार के करीब कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। अभी तक नियमितीकरण पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन उन्हें तीन सौ रुपये दिहाड़ी मिल रही है। इससे परिवार का गुजारा चलाना मुश्किल हो गया है।
- यूटी की तर्ज पर मानदेय दिया जाए
- एसआरओ 64 लागू किया जाए
- कर्मचारियों को 72 माह का बकाया वेतन जारी किया जाए
- समय अवधि पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित किया जाए