जम्मू में इस बार ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद दो से तीन घंटे में बदलने का काम शुरू हो जाएगा। इस प्रक्रिया में पहले आठ से दस घंटे लग जाते थे, जिससे लोगों को गर्मी से परेशान होना पड़ता था। कारपोरेशन ने एक हजार ट्रांसफॉर्मर रिजर्व रखे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर काम किया जा सके।
दरअसल, भीषण गर्मी में अकसर लोड बढ़ने के कारण ट्रांसफॉर्मर जल जाते हैं। नया ट्रांसफॉर्मर पहुंचाने में पहले आठ से दस घंटे लग जाते थे। इसके बाद आपूर्ति बहाल हो पाती थी। कई बार लोग ट्रांसफॉर्मर समय पर नहीं लगने के कारण प्रदर्शन भी कर चुके हैं। वहीं, इसी माह से घरों में एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों की खपत बढ़ेगी।
बिजली लोड 1200 मेगावाट से ऊपर पहुंच जाएगा। इस कारण ट्रांसफॉर्मर और तारें जलने की शिकायतें आएंगी। ऐसे में लोगों की दिक्कतें दूर करने के लिए बिजली निगम की ओर से पूरे प्रबंध किए गए हैं। खराब ट्रांसफार्मरों को रिपेयर के लिए कारपोरेशन की कार्यशाला में भेजने की योजना बनाई गई है। यहां दस से 15 दिन में ट्रांसफॉर्मर ठीक किए जाएंगे।
2022 में 300 ट्रांसफार्मर रखे थे रिजर्व
पिछले साल 300 ट्रांसफॉर्मर रिजर्व रखे गए थे। अप्रैल में तो कम डिमांड आई। मगर मई के मध्य में एक के बाद एक ट्रांसफॉर्मर जले। जून में हालत ऐसे रहे कि ट्रांसफॉर्मर जलने के बाद दूसरे दिन नया लग पाया।
एक हजार ट्रांसफॉर्मर रिजर्व रखे हैं। ट्रांसफॉर्मर जलने पर तुरंत बदला जाएगा। लोगों को बिजली आपूर्ति के लिए लंबा इंतजार नहीं करना होगा।
- शिव आनंद त्याल, एमडी, बिजली कारपोरेशन।