मौके पर पहुंची पुलिस ने गेंद और मोबाइल फोन को अपने कब्जे में लिया और मामला दर्ज करते हुए आगे की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने जेल के चारों ओर लगे सीसीटीवी भी खंगाले, ताकि पता लगाया जा सके कि बाहर से इसे किसने फेंका।
बता दें कि जेलों में गेंद के जरिए मोबाइल, सिम कार्ड या फिर ड्रग्स भेजने की लगातार वारदातें हो रही हैं। जेल में बंद कैदी बात करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए तरह तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला जेल में कई कुख्यात बदमाश बंद हैं।
कोट भलवाल जेल में कई बार मिल चुके हैं मोबाइल फोन
सेंट्रल जेल कोट भलवाल में भी स्मार्टफोन मिलने की कई घटनाएं हुई है। अभी तक तीन बार मोबाइल बरामद हुए है। दो जनवरी 2024 को जेल परिसर में मोबाइल फोन मिला था। नौ जनवरी को एक कैदी के पास, जबकि खाली स्थान से दो मोबाइल फोन मिले थे। इसी तरह 11 जनवरी को मोबाइल फोन मिला था। 27 फरवरी को जेल में कैदियों की बैरक से मोबाइल मिला था।
इससे पहले मई 2023 में भी कोट भलवाल जेल की दीवार के पास से मोबाइल बरामद किया गया था। जुलाई 2021 में भी जेल में मोबाइल फोन और सिमकार्ड मिला था। कैदियों द्वारा मोबाइल फोन इस्तेमाल किए जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस और अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के एक दल ने छापा मारा था, जिसमें 12 मोबाइल फोन और सिमकार्ड बरामद किए थे।