इस मामले की जांच पूरी होने के बाद कोर्ट ने उक्त तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। जज ने दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद कहा कि आरोपियों को इस स्टेज पर अभी जमानत नहीं दी जा सकती।
डिप्टी एडवोकेट जनरल अजित डोगरा की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे तीन आरोपियों की जमानत अर्जी को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। गुरुवार को जस्टिस ताछी राबस्टन और जावेद इकबाल वाली वाली खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई की। आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
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यह मामला 10 जनवरी 2008 का है। मुट्ठी क्षेत्र में डिप्टी एडवोकेट जनरल अजित डोगरा घायल अवस्था में मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और वहां पर उनकी मौत हो गई। केस दर्ज होने पर जांच हुई तो विशाल शर्मा, विकास शर्मा, रोहित कुमार, लब्बा राम, अशोक कुमार और तीन अन्य लोगों के नाम सामने आए।
जांच में पता चला कि विशाल शर्मा, लब्बा राम और अशोक कुमार संयुक्त रूप से संपत्ति का कारोबार करते थे। इन लोगों ने हकीकत सिंह नाम के व्यति की जमीन को धोखे से खरीद लिया। डिप्टी एडवोकेट जनरल अजित डोगरा ने इसे लेकर कोर्ट में केस दायर किया था। इसी की खुन्नस निकालने के लिए आरोपियों ने डोगरा पर हमला किया और इसमें उनकी मौत हो गई।