जम्मू शहर में गृहकर लागू करने का प्रस्ताव फिलहाल टल गया है, लेकिन नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए व्यावसायिक भवनों पर संपत्ति कर लगाने की सहमति बनी है। पार्षदों के सुझावों और दलीलों के बाद मंगलवार को हाउस में नगर निगम के मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ने कहा कि पहले चरण में व्यावसायिक भवनों पर कर लगाया जाएगा। संपत्ति कर के प्रस्ताव पर अगले जनरल हाउस में फैसला किया जाएगा।
मंगलवार को हुई बैठक में कर लगाने पर चर्चा हुई। इसमें पार्षदों ने पहले बड़े मॉल, रेस्तरां और होटलों पर कर लगाने का तर्क दिया है। फिलहाल बजट के अभाव को देखते हुए अगली बैठक में इसे मंजूरी मिल सकती है। है।
जनरल हाउस की बैठक में पार्षद अक्षय कुमार ने कहा कि कोविड के दौरान लोगों को कारोबार में नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में मॉल, रेस्तरां समेत अन्य बड़े होटलों पर कर लगाया जा सकता है। विपक्ष की ओर से द्वारिका चौधरी ने तर्क दिया कि यूजर चार्ज वसूले जा रहे हैं, जिन्हें बढ़ाया जा सकता है। लोगों पर अतिरिक्त बोझ न डाला जाए। जयदीप ने कहा कि विकास के लिए बजट चाहिए। राजेंद्र शर्मा ने कहा कि यूजर चार्ज को दोगुना किया जाए। कमल ने कहा कि सामुदायिक भवनों पर कर लगाया जाए। पार्षदों के सुझावों पर मेयर ने कहा कि बड़े होटलों, रेस्तरां और बड़ी दुकानों पर संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) लगाया जा सकता है।
मौजूदा समय में आय कम है, जिससे विकास कार्य बाधित हो रहे हैं। कार्यकारी कमेटी के फैसले के बाद अब अलग से हाउस में मंथन होगा। शहर में मौजूदा समय में कोई कर वसूला नहीं जा रहा है। पहले चरण में वाणिज्य आवासों पर टैक्स वसूला जाएगा। इसके बाद आवासीय क्षेत्र में कर लगाया जाएगा। टैक्स लगने के बाद नगर निगम की सालाना आय बीस करोड़ बढे़गी। मौजूदा समय में 124 करोड़ का अनुदान ही मिल रहा है। इसमें 96 करोड़ रुपये नगर निगम के अपने कामों में ही खर्च हो जाते हैं। इस कारण विकास की रफ्तार प्रभावित हुई है।