प्रदेश के स्कूलों में मिड-डे-मील योजना के तहत दिए जाने वाले भोजन की जांच अब ‘मां’ करेगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय में बच्चों की माताओं का समूह बनाया जाएगा। प्रदेश में मातृ भोजन योजना को लागू किया गया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की माताएं स्कूल में पके हुए भोजन की गुणवत्ता जांच कर अपने सुझाव देंगी। इसके साथ ही जम्मू और सांबा जिले में मिड-डे-मील अक्षय पात्र एनजीओ तैयार करेगा।
रविवार को श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि मिड-डे-मील की गुणवत्ता को पुख्ता करना उद्देश्य है। स्कूल शिक्षा विभाग की ‘आओ स्कूल चलें अभियान’ के तहत शैक्षणिक सत्र 2021-22 में बच्चों के नामांकन में 14.5 फीसदी की वृद्धि के साथ 1.65 छात्रों का दाखिला हुआ है। तलाश एप के तहत स्कूल छोड़ चुके 93 हजार बच्चों की पहचान की गई है। अब इन बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाया जाएगा। 714 सरकारी स्कूलों में 70 हजार छात्रों को 14 विभिन्न ट्रेडों में व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है।
चालू वित्त वर्ष में 803 व्यावसायिक प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। 1122 नई प्रयोगशालाओं के साथ 1352 स्मार्ट क्लास रूम भी बनाए जाएंगे। ‘इच वन टीच वन’ अभियान के तहत, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक छात्र अपने नव-साक्षर परिवार के सदस्यों को पढ़ा रहे हैं ताकि वे साक्षर बन सकें। इसके लिए समग्र शिक्षा ने सामग्री तैयार की है।
100 शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 100 शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए चिह्नित किया गया है। इसमें टीचर, लेक्चरर को शामिल किया है। इन शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश से बाहर भेजा जाएगा। शिक्षकों के क्षमता निर्माण के लिए, एक छात्र परामर्श कार्यक्रम, शैक्षिक सुदृढ़ीकरण के लिए छात्र और शिक्षक जुड़ाव (एसटीईईआर) शुरू किया गया है जो शिक्षाविदों में छात्रों के प्रदर्शन और सीखने के परिणाम को मजबूत करने पर केंद्रित है।