फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘गुम्मट मैदान’ में दिखी डोगरा योद्धाओं की शूरवीरता

विज्ञापन
रियास में नाटक का मंचन करते कलाकार। संवाद
विज्ञापन
रियासी। नेशनल थिएटर फेस्टिवल में रविवार को डुग्गर मंच जम्मू की तरफ से डोगरी नाटक ‘गुम्मट मैदान’ का मंचन किया गया। नाटक की कहानी रियासत जम्मू कश्मीर में वर्ष 1808 के दौरान की है, जब रियासत में महाराजा का शासन हुआ करता था। आए दिन लाहौर से आई हुई सेना उनपर आक्रमण किया करती थी। तब जम्मू शहर गुमट दरवाजे तक ही विकसित था, जहां से आगे लाहौरी सेना जम्मू पर कब्जा करने की कोशिश करने आती थी, लेकिन डोगरा योद्धाओं के आगे उन्हें हर बार मुंह की खानी पड़ती थी।
विज्ञापन

कम लड़ाकों के होने के बाद भी डोगरा लड़ाई में उतरा व जीत हासिल किया। नाटक में सभी किरदार रंग बिरंगे डोगरा परिधानों में सजे दिखे। उपस्थित दर्शकों ने उन की खूब सराहना की। मोहन सिंह के लिखित व निर्देशित नाटक में जनक खजुरिया ने मियां मोटो, जगदीश सिंह बबली ने आदमी, सरिता खजुरिया ने जनानी, सुषमा रानी राजपूत ने रानी, फियाज शेख ने डीडो, राकेश वर्मा ने मर्द, शिव देव सिंह ने आदमी दो, सुनील दत्त शर्मा ने दिवानु, कैलाश मोहन ने आदमी तीन, नत्यपाल सिंह ने साथी, उज्ज्वल ने गुलाब सिंह, रणधीर राजपुरिया ने मियां हजारी, मोहन सिंह ने अवतार सिंह और मोहन सिंह सलाथिया ने राजा की भूमिका को निभाया। नाटक के दौरान डीडीसी सदस्य जगजीवन लाल, पार्षद अमित शर्मा व वीरेंद्र शर्मा, गणमान्य व्यक्ति तारिक भट्ट भी मौजूद रहे। सोमवार को नाटक चिट्ठा सिंह को समूह थिएटर की तरफ से मंचन किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें