जम्मू यूनिवर्सिटी के जनरल जोरावर सिंह सभागार में शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ दो दिवसीय जम्मू महोत्सव का आगाज हो गया। इस दौरान कलाकारों ने एक मंच पर रियासत के तीनों खित्तों की लोक संस्कृति को नृत्य, संगीत के माध्यम से पेश किया। डोगरी, कश्मीरी और लद्दाखी लोक नृत्य ने सबका दिल जीत लिया।
जेयू सभागार में महोत्सव के आगाज के साथ शुक्रवार को बाग-ए-बाहू, रघुनाथ बाजार, मुबारक मंडी, मानसर लेक, चीची माता, बस स्टैंड कटड़ा सहित अन्य स्थानों पर रंगारंग प्रस्तुतियां हुई। जेयू सभागार नृत्य की प्रस्तुति में तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया गया। युवाओं के ग्रुप ने लेजर डांस से वाहवाही बटोरी। मंदिर के शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
कार्यक्रम में पेंटिंग, फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस दौरान कलाकारों ने एक साथ डोगरी, कश्मीरी और लद्दाखी के लोक नृत्य के माध्यम से लोक संस्कृति रीति रिवाज, वेशभूषा और परंपराओं को बड़ी खूबसूरती से बयां किया। कार्यक्रम में राज्यपाल सलाहकार खुर्शीद गनई मुख्य अतिथि मौजूद रहे। डोगरी लोक संस्कृति पर प्रस्तुतियां में अस डोगरेयां आखने शाना कने... ने सभागार में मौजूद श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने रियासत के तीनों खित्तों की संस्कृति के साथ भाईचारे का संदेश दिया।