पुंछ नगर में राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल से 50 मीटर की दूरी पर स्थित गुरुद्वारा मंहत साहिब के बाहर मंगलवार देर रात हुए विस्फोट के 10 घंटे के भीतर पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को अस्पताल से हिरासत में लिया है। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है।
बुधवार दोपहर को डीआईजी राजोरी-पुंछ रेंज तेजिंदर सिंह पुंछ पहुंचे। उन्होंने पुलिस मुख्यालय पर एसएसपी युगल मनहास, एएसपी मुशीम अहमद और अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था और विस्फोट की घटना को लेकर चर्चा की। दोपहर बाद डीआईजी गुरुद्वारा महंत साहिब पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया।
उन्होंने गुरुद्वारा में माथा टेका और जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरुद्वारा महंत साहिब समिति के सदस्यों के साथ बातचीत की। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान नरेंद्र सिंह, सदस्य बलबीर सिंह, राजिंदर सिंह, मोहिंदर सिंह ने डीआईजी के समक्ष विस्फोट को अल्पसंख्यक सिख समुदाय पर हमला बताया। इस घटना पर रोष जताते हुए दोषियों को सामने लाने की मांग की। डीआईजी ने आश्वासन दिया कि पुलिस दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
डीआईजी तेजिंदर सिंह ने कहा कि मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है। दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह पूछे जाने पर कि पहले सुरनकोट में और अब पुंछ में विस्फाेट यह तो नहीं दर्शाता कि जिले में आतंकी घटनाएं बढ़ रही हैं। इस पर डीआईजी ने कहा कि हमारा सुरक्षा ग्रिड काफी मजबूत है। हम आतंकियों के मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल के एक वार्ड से दो संदिग्ध लोगों को पूछताछ के लिए उठाया है। इनकी पहचान याकूब उर्फ यूकी (35) और मोहम्मद शबीर उर्फ शिकारी निवासी पंचायत दिगवार तेडवां के रूप में हुई है।
बता दें, विस्फोट के बाद पुलिस एवं खूफिया एजेंसियों ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला था। इस दौरान काले रंग की कमीज में एक व्यक्ति को गुरुद्वारा साहिब के आसपास दो बार चक्कर लगाते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने बुधवार सुबह करीब सात बजे अस्पताल के एक वार्ड से दोनों को उठाया। पता चला है कि दोनों अस्पताल में बिना दाखिल हुए सोए थे।