श्रीनगर। कश्मीर में बर्फबारी के साथ ही पर्यटन स्थल गुलजार हो गए हैं। गुलमर्ग, सोनामर्ग और पहलगाम की वादियों में मौज-मस्ती के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के लिए भी रोजगार के द्वार खुल गए हैं। बता दें कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार घाटी में इस बार नवंबर में 1.27 लाख सैलानी घूमने पहुंचे। अब दो दिन पहले बर्फबारी होने के साथ ही सैलानियों की आमद और बढ़ी है।
घाटी का ताज कहा जाने वाला विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग बर्फ की सफेद चादर से लिपटा हुआ है। यहां की हसीन वादियों को निहारने के लिए और बर्फ का लुत्फ लेने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। न केवल स्थानीय बल्कि देश के हर कोने से पर्यटक पहुंचकर कुदरत के नजारे को कैमरे और मोबाइल में कैद कर रहे हैं। कोई गंडोला की सैर कर रहा है, कोई स्लेज की सवारी तो काई एटीवी का आनंद ले रहा है।
गुलमर्ग पहुंचे गुजरात के दीपक पटेल ने कहा कि चारों ओर जन्नत के नजारे ही कुछ अलग हैं। ऐसा लग रहा है कि सफेद कालीन की परत बिछी हो। वह मंगलवार को ही श्रीनगर पहुंचे और पता चला कि बर्फबारी हुई है तो सीधा गुलमर्ग पहुंच गए। दिल्ली से आई प्रिया ने बताया कि यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। अक्सर यहां की सुंदरता के बारे में पढ़ते थे, लेकिन आज हकीकत देखी, जिसे शब्दों में बयां करना संभव नहीं।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि बीते कुछ हफ्तों से गुलमर्ग में रोजाना दो हजार के करीब पर्यटन आ रहे थे, जिसमें स्थानीय और प्रदेश के बाहर से आने वाले लोग शामिल हैं। लेकिन दो दिन से यह संख्या बढ़ गई है। बर्फबारी के बाद पर्यटकों ने गुलमर्ग और अन्य पर्यटन स्थलों का रुख किया है। गुलमर्ग की बात करें तो यह संख्या तीन हजार के करीब पहुंच गई है।
गंडोला और स्लेज की सवारी का लुत्फ ले रहे लोग
गुलमर्ग गंडोला के प्रभारी शौकत अहमद ने कहा कि पिछले तीन-चार महीनों से अच्छा सीजन चल रहा है। यहां पर तो अभी दो से तीन हजार लोग गंडोला की सवारी कर रहे हैं। इसके साथ स्लेज की सवारी का भी लोग मजा ले रहे हैं। आने वाले दिनों में और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं, कोशिश यही है जो भी पर्यटक आए उसे सरकार के निर्देशानुसार बेहतर सुविधा दी जाएगी। कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। बता दें कि गुलमर्ग में गंडोला की सवारी बर्फ से ढके पहाड़ों के लुभावने दृश्यों को देखने के लिए सबसे मनमोह लेने वाली है। यह एशिया का सबसे ऊंचा और सबसे लंबा रोप-वे है। गंडोला गुलमर्ग से शुरू होता है और समुद्र तट से 13000 फीट की ऊंचाई पर पहाड़ों की सैर कराता है। बता दें कि बीते दो साल में कोविड के कारण पर्यटन और व्यवसाय प्रभावित हुआ है, उम्मीद है कि अब इसकी भरपाई होगी।