जम्मू। जम्मू-कश्मीर के कई युवाओं में तंबाकू और धूम्रपान का बढ़ता शौक उन्हें मौत के मुंह तक ले जा रहा है। इस लत में फंसकर युवा मुंह और गले के कैंसर की चपेट में आ रहे हैं। जम्मू संभाग में ही हर साल दो हजार नए कैंसर के मामले सामने आ रहे हैं। कैंसर मामलों में 40 प्रतिशत तक धूम्रपान और तंबाकू से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं।
क्षेत्रीय कैंसर इकाई जीएमसी जम्मू के एचओडी डॉ. आशुतोष गुप्ता का कहना है कि जिन घरों में पुरुष अपने धूम्रपान के शौक को पूरा कर रहे हैं, लेकिन वे अपने साथ आसपास के वातावरण में महिलाओं और अन्य सदस्यों को भी कैंसर की बीमारी दे रहे हैं। पुरुषों में मुंह, गले के बाद फेफड़े, फूड पाइप और मैदे का कैंसर सामान्य है। लेकिन धूम्रपान और तंबाकू के सेवन से गले और मुंह का कैंसर बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण धूम्रपान और तंबाकू पदार्थों का आसानी से बाजार में उपलब्ध होना है, जिससे किशोरों में भी धूम्रपान और तंबाकू की लत बढ़ी है। तंबाकू और धूम्रपान मामलों में अधिकांश पीड़ित आखिर में इसका सेवन करना छोड़ देते हैं, लेकिन तब तक सब कुछ हाथ से निकल जाता है और उन्हें कैंसर जैसी बीमारी का सामना करना पड़ता है। पुरुषों में औसतन 40-60 और महिलाओं में 35-55 आयु वर्ग के बीच कैंसर की शिकायत हो रही है, लेकिन ताजा मामलों में कम आयु वर्ग के युवा भी कैंसर से पीड़ित हो रहे हैं।
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सार्वजनिक स्थानों पर उड़ रहे धुएं के गुब्बार
जम्मू-कश्मीर में तमाम दावों के बावजूद सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान हो रहा है। अस्पताल परिसर, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सरकारी व निजी कार्यालयों आदि में धूम्रपान का नजारा देखा जा सकता है। सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान को रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों की ओर से लगभग कार्रवाई नहीं की जाती है, जिससे किसी को भी कार्रवाई का डर नहीं है।
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जीएमसी में पंजीकृत कैंसर मरीज
2015- 1864
2016 - 1964
2017- 1858
2018- 2335
2019- 2098
2020- 1727
2021- 1850